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देवदत्त पट्टनायक की सीता और उनका तीसरा निर्णय

देवदत्त पट्टनायक की पुस्तक सीता के पांच निर्णय का एक अंश. किताब राजपाल एंड सन्ज प्रकाशन से आई है. अंग्रेजी से इसका अनुवाद मैंने किया है- प्रभात रंजन =================================== समुद्र के ऊपर बहुत लम्बी यात्रा के बाद सीता ने खुद को लंका द्वीप में पाया, जहाँ उन्होंने खुद को रावण …

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उपासना झा की कुछ नई नई कविताएँ

कविताओं में संवेदनशीलता जितनी अधिक होती है शब्दों का सौन्दर्य उतना ही बढ़ जाता है. उपासना झा की कविताओं में बहुत गहरी तल्लीनता है जो अपने साथ पढने वाले को लिए जाती है और उदास एकांत में छोड़ जाती है. इस बार उनकी कविताओं का स्वर अलग है लेकिन वही …

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क्या आने वाले समय में लालू जी भाजपा विरोध की धुरी बनेंगे?

राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष की एकजुटता के लिए लालू प्रसाद कड़ी मेहनत कर रहे हैं. 17 दल एकजुट दिखाई दे रहे हैं. लालू जी ने कहा है कि 27 अगस्त को पटना के गांधी मैदान में जो महारैली होगी उसमें समूचा विपक्ष एकसाथ मौजूद रहेगा. दिलचस्प बात यह है …

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मैत्रेयी पुष्पा की किताब में विचारों की विदाई के साथ प्रेम की भी विदाई है

  मैत्रेयी पुष्पा की किताब आई है ‘वह सफ़र था कि मुकाम था’. किताब का विषय राजेंद्र यादव जी के साथ उनकी मैत्री है. इस पुस्तक पर यह टिप्पणी लिखी है साधना अग्रवाल ने- मॉडरेटर ================================= कभी हिंदी के लेखक आत्मकथा लिखने में संकोच करते थे लेकिन आज आत्मकथा लिखना …

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तीन साल की सबसे बड़ी उपलब्धि है भोज में नीतीश जी का जाना

कौशल लाल एक पाठक हैं. प्रधानमंत्री के साथ नीतीश कुमार के भोज पर उनकी एक टिप्पणी है. उनका यह मानना है कि तीन साल की सबसे बड़ी उपलब्धि है नीतीश जी का भोज में जाना. यह उपलब्धि भाजपा के लिए है या नीतीश जी के लिए यह लोगों को तय …

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मैं भूखा हूँ, रोज़ादार नहीं हूँ

रमज़ान का महीना शुरू हो गया है। मुझे याद आता है रहमान अब्बास का उर्दू नॉवेल (ख़ुदा के साए में आँख मिचोली), जिसमें एक किरदार कहता है- “मैं भूखा हूँ रोज़ादार नहीं हूँ।” बता दूँ कि 2011 में छपे, रहमान के इसी नॉवेल पर महाराष्ट्र साहित्य अकादमी का बेस्ट नॉवेल …

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हर्षित भारद्वाज की कुछ कविताएँ

आज कुछ कविताएँ हर्षित भारद्वाज की. अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन जगत से जुड़े हर्षित आजकल जेम्स हेमिंग्वे प्रकाशन को भारत में लाने में लगे हुए हैं. वे अंग्रेजी में लेख लिखते हैं लेकिन कविताएँ हिंदी में. कहते हैं कविता में आदमी दिल की बात कहता है और दिल की  बात अपनी भाषा …

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नेहरु, जो गुलाब थे अब कांटे बनकर खटकने लगे हैं!

पिछले कुछ वर्षों में नेहरु को खूब याद किया जा रहा है. बीच में तो उनको लोग भूलने से लगे थे. हाँ, यह बात अलग है कि पहले उनको सीने पर लगे गुलाब के गुलाब के लिए याद किया जाता था. आज देश की एक बड़ी आबादी को उस गुलाब …

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इन्स्टाग्राम कवि एटिकस के बारे में जिसके शब्द ही उसकी पहचान हैं

प्रकाश के रे उदार पाठक और लेखक हैं. नई नई चीजें पढ़ते रहते हैं और हमसे साझा करते रहते हैं. जैसे उनकी यह टिप्पणी जो एटिकस के बहाने कविता की नई धारा के बारे में है- मॉडरेटर ==================================== शुरूआत एक आम बात से. तमाम ख़ूबियों और ख़ामियों के साथ सोशल …

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गर्व की बात है कि बिहार को सबसे दूरंदेशी मुख्यमंत्री मिला है!

हमें गर्व करना चाहिए कि हमें एक दूरंदेशी मुख्यमंत्री मिला है- नीतीश कुमार. आज सुबह उठा तो प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुस्कुराती तस्वीर अखबारों में दिखाई दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वे न केवल भोज में शामिल हुए बल्कि बल्कि अलग से उनके साथ बातचीत भी की. मुख्यमंत्री जी …

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