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फिल्म समीक्षा

आलिया भट्ट के अभिनय का नया मुकाम है ‘राज़ी’

जब से ‘राज़ी’ फिल्म आई है इसकी चर्चा थम नहीं रही है. मेघना गुलजार की इस फिल्म को आलिया भट्ट के लिए भी याद किया जायेगा. इसी फिल्म पर निवेदिता सिंह का लेख- मॉडरेटर ==================================== हाल के वर्षों में जिस अभिनेत्री ने अपने अभिनय के दम पर सबसे ज़्यादा ध्यान …

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अकेलेपन और एकांत में अंतर होता है

‘अक्टूबर’ फिल्म पर एक छोटी सी टिप्पणी सुश्री विमलेश शर्मा की- मॉडरेटर ============================================ धुँध से उठती एक महीन धुन,शाख़ पर खिलता फूल , टूट कर बिखरता चाँद हो या फिर पत्तों की सरसराहट ; दरअसल भाषायी संस्कारों में ये सभी प्रकृति की अद्भुत लीला के प्रतीक भर हैं। इस लीला …

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चार्ली चैपलिन की जयंती पर विशेष

आज चार्ली चैपलिन की जयंती है. ऐसे में उनकी फिल्म ‘द किड’ को याद किया है युवा फिल्म अध्येता सैयद एस. तौहीद ने. आजकल बच्चों को लेकर जिस तरह हमारे समाज की संवेदना छीजती जा रही है वैसे में इस फिल्म को याद करना प्रासंगिक भी है- मॉडरेटर ================= चार्ली …

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सुरेन्द्र नाथ उर्फ़ ‘बॉम्बे सहगल’ के बारे में आप कितना जानते हैं?

गुजरे जमाने के स्टार सुरेन्द्रनाथ उर्फ़ बॉम्बे सहगल को याद करते हुए एक अच्छा लेख सैयद एस. तौहीद का- मॉडरेटर ============================================================= किसी ने नहीं सोचा होगा कि वकालत की डिग्री रखने वाले सुरेंद्रनाथ उर्फ सुरेंद्र हिंदी सिनेमा के बड़े स्टार बनेंगे। लेकिन ऊपर वाला उनमें एक अलग मिजाज देख रहा …

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‘हिचकी’ फिल्म पर पूनम अरोड़ा की टिप्पणी

‘हिचकी’ फिल्म पर यह लेख लेखिका पूनम अरोड़ा(श्री) ने लिखा है.  अच्छा लगा तो साझा कर रहा हूँ- मॉडरेटर ================================================================= नैना माथुर को टुरेट सिंड्रोम है जिसे साधारण भाषा में समझा जाए तो ‘बार-बार हिचकी आना, चेहरे के हाव-भाव अलग दिखना, गले से कुछ आवाज़े आना और आँखों का झपकना …

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मनमोहन देसाई और उनका सिनेमा

मार्च महीने की पहली तारीख़ को मनमोहन देसाई का निधन हुआ था. आज महीने की आखिरी तारीख़ पर सैय्यद एस. तौहीद का यह लेख उनकी फिल्मों के कुछ सूत्रों की अच्छी व्याख्या करता है लेकिन सम्पूर्णता में नहीं. एक बार कमलेश्वर ने अपने एक इंटरव्यू में यह कहा था कि मनमोहन …

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  ‘हिचकी’ : शिक्षा व्यवस्था की बेहतरीन पड़ताल

‘हिचकी’ फिल्म की एक अच्छी समीक्षा लिखी है दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरु कॉलेज में प्राध्यापक और लेखक मनोज मल्हार ने- मॉडरेटर       ‘हिचकी’  ब्रैड कोहेन की पुस्तक ‘फ्रंट ऑफ़ द क्लास : हाउ टूरेट मेड मी द टीचर आई नेवर हैड’ पर आधारित और सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा द्वारा निर्देशित …

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फिल्मों के अंतरिक्ष से एक चकित करने वाला धूमकेतु है ‘ब्लैक पैंथर’

लेखक लेखिकाओं की पूरी नई पीढी हमारे बीच आ चुकी है. अब यह फिल्म समीक्षा ही देखिये. अमेरिकन सुपर हीरो फिल्म की यह बारीक समीक्षा लिखी है कनुप्रिया कुलश्रेष्ठ ने. पढ़िए और नई पीढ़ी का स्वागत कीजिये- मॉडरेटर =============================================================== मैं फ़िल्में बहुत देखती हूँ, मगर फिल्म – रिव्यू!! मेरे बस …

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फिल्म में लड़ाई पद्मावती के लिए नहीं बल्कि पद्मावती से है

इसमें कोई शक नहीं कि हाल के दिनों में सबसे अधिक व्याख्या-कुव्याख्या संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर हुई. बहरहाल, यह एक व्यावसायिक सिनेमा ही है और मनोरंजक भी है. इस फिल्म पर जेएनयू में कोरियन भाषा की शोधार्थी कुमारी रोहिणी की समीक्षा- मॉडरेटर ============================= बात तो सच …

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मैं कर सकती है- यह फिल्म हमसे यही कहती है !

‘तुम्हारी सुलू’ फिल्म की यह समीक्षा युवा कवयित्री, फिल्मकार प्रियंका वाघेला ने लिखी है. आप भी पढ़िए- मॉडरेटर ====================================================== “तुम्हारी सुलु” एक एसी स्त्री की कहानी कहती है -जो शिक्षा के क्षेत्र में सफल नहीं है व अपने पिता और बहनों के द्वारा इस बात को लेकर लगभग अपमानित की …

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