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फिल्म समीक्षा

‘ठाकरे’ फिल्म की एक ही खूबी है नवाजुद्दीन की अदाकारी

बाला साहेब ठाकरे की बायोपिक आई है जिसमें नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने ठाकरे की भूमिका निभाई है. उसी फिल्म पर नवीन शर्मा की टिप्पणी- मॉडरेटर ======================== आजकल हिंदी सिनेमा में बायोपिक का दौर चल रहा है। इसकी लेटेस्ट फिल्म है ठाकरे। इसके कुछ हफ्ते पहले ही मनमोहन सिंह पर द एक्सिडेंटल …

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सर्जिकल स्ट्राइक को गौरवान्वित करने वाली फिल्म ‘उरी’

राष्ट्रवाद के दौर में ‘उरी’ फिल्म आई और उसने जबरदस्त कमाई की. वार फिल्मों में कहानी के नाम पर वैसे तो कुछ ख़ास नहीं होता लेकिन फिर भी उनका अपना आकर्षण होता है. इस फिल्म के ऊपर सैयद एस. तौहीद की समीक्षा पढ़ें- मॉडरेटर ================================= उरी फिदायीन हमले और उसके …

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हीरो के अलावा बाकी सब ‘जीरो’

शाहरुख़ खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जीरो’ आ गई. इस फिल्म की समीक्षा लिखी है सैयद एस. तौहीद ने- मॉडरेटर ================ ग्यारह महीने पहले ज़ीरो का पहला टीज़र आया था।जनवरी से दिसंबर तक का इंतज़ार कराके साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों से एक रिलीज़ हुई है। शाहरूख खान की ‘ज़ीरो’ सिनेमाघरों …

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‘केदारनाथ’ के सिवा फिल्म में नया कुछ नहीं है

फिल्म ‘केदारनाथ’ की समीक्षा सैयद एस. तौहीद ने लिखी है- मॉडरेटर ========================================== रॉक ऑन’ और ‘काई पो चे’ जैसी फिल्में बनाने वाले अभिषेक कपूर की फ़िल्म ‘केदारनाथ‘ रिलीज़ हो चुकी है। नवोदित सारा अली खान एवं सुशांत सिंह राजपूत के नामों से सजी कहानी केदारनाथ प्राकृतिक आपदा के इर्द-गिर्द बुनी …

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‘तमाशा’ प्रेम की कहानी है या रोमांस की

तीन साल पहले आज के ही दिन इम्तियाज़ अली की फिल्म ‘तमाशा’ पर युवा लेखिका सुदीप्ति ने यह लेख लिखा था. तमाशा इम्तियाज़ की शायद सर्वश्रेष्ठ फिल्म है. प्यार और रोमांस के दर्शन की ओर ले जाने वाली फिल्म. खैर, कुछ दिन पहले इम्तियाज़ ने भी इस रिव्यू को पढ़कर …

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सिनेमा में काशी भी है और अस्सी भी!

फिल्म ‘मोहल्ला अस्सी’ की समीक्षा लिखी है रांची के नवीन शर्मा ने- मॉडरेटर ========================================== किसी भी साहित्यिक कृति चाहे वो कहानी हो , उपन्यास हो या फिर आत्मकथा उस पर फिल्म बनाना बहुत जोखिम का काम है। यह दोधारी तलवार पर चलने के समान है। इसमें संतुलन बनाए रखना बेहद …

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हर लिहाज़ से एक सराहनीय फिल्म है ‘पीहू’

फिल्म ‘पीहू’ की समीक्षा सैयद एस. तौहीद द्वारा लिखी हुई- मॉडरेटर ===================================== कल्पना कीजिए एक ऐसी कहानी जिसमें अकेली मासूम घर में अकेली रह जाए। बच्ची खुद ही खाना बनाए और फिर गैस को जलता हुआ छोड़ दे। खुद को फ्रिज में बंद कर ले। ऐसे कई हैरत से भरे …

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पिता व पुत्री के सुंदर रिश्ते पर आधारित ‘The Frozen Rose’

ईरानी शार्ट फिल्म ‘फ्रोज़ेन रोज’ पर सैयद एस. तौहीद की टिप्पणी- मॉडरेटर ============================================ इंसान दुनिया में जिस किसी को मोहब्बत में जान से ज्यादा अजीज बना लेता है परवरदिगार उसे उस जैसा बना दिया करता है. खुदा की दूसरी दुनिया के बाशिंदों को इंतज़ार करने वाली रूहें कहना चाहिए. इंसान …

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बड़े जहाज का दिशाहीन सफ़र ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’

‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ की यह समीक्षा लिखी है सैयद एस. तौहीद ने- मॉडरेटर ============================================== साल की बहुप्रतीक्षित ‘ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान’ रिलीज़ हो चुकी है। दिवाली का मौका और आमिर खान के होने का इस फिल्म को पूरा फायदा मिला है। फिल्म ने पहले ही दिन धमाकेदार कमाई कर  52.25 करोड़ …

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भिंचे जबड़ों को खुलकर हँसने देने का मौका देने वाली फिल्म

सिनेमा पर मुझे अक्सर ऐसे लोगों का लिखा पसंद आता है जो उस विषय के पेशेवर लेखक नहीं होते हैं. फिल्म ‘बधाई’ हो’ पर यह टिप्पणी डॉ. आशा शर्मा ने लिखी है. दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में पढ़ाती हैं, रंगमंच की विशेषज्ञ हैं और एक पठनीय टिप्पणी उन्होंने इस …

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