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फिल्म समीक्षा

अंग्रेजी एक क्लास है जबकि हिंदी मीडियम

‘हिंदी मीडियम’ फिल्म की ख़ूब तारीफ हो रही है. अपने सब्जेक्ट और अभिनय दोनों ही कारण से. इस फिल्म पर एक विस्तृत लेख निवेदिता सिंह ने लिखा है- मॉडरेटर ========================= “इस देश में अंग्रेजी ज़बान नहीं है, क्लास है” शुक्रवार को रिलीज हुई हिंदी फिल्म “हिंदी मीडियम”का एक डॉयलाग भर …

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‘सरकार’ में हिमालयन ब्लन्डर कर गए रामगोपाल वर्मा

सरकार 3 आई लेकिन इस श्रृंखला की पिछली दोनों फिल्मों की तरह कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाई. इस फिल्म के ऊपर एक छोटी सी लेकिन अचूक और सारगर्भित टिप्पणी राजीव कुमार ने की है. राजीव कुमार जी फिल्मों के बहुत गहरे जानकार हैं लेकिन लिखते कम हैं. आप भी पढ़िए- …

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प्रभास को देखते हुए विनोद खन्ना के डील डौल की याद आ रही थी!

बाहुबली फिल्म की अभूतपूर्व सफलता से मुझे जे के रोलिंग के हैरी पौटर की सफलता याद आ रही है. हालाँकि वह किताब थी. खैर इस फिल्म ने भी बड़े पैमाने पर लोगों की कल्पनाओं, उत्सुकताओं को जगा दिया है. बाहुबली फिल्म पर यह लेख विमलेश शर्मा ने लिखा है जो …

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अमरेन्द्र ही नहीं, शिवगामी और देवसेना भी हैं बाहुबली

इस कठिन समय में जब एक लड़की या औरत क्या पहनेगी,कहाँ जाएगी,किसके साथ घूमेगी इसका निर्णय लेने के लिए भी  स्वतंत्र नहीं वहीं महिशमती राज की दो औरतों को एक राज्य नियंत्रित करते देखना बहुत सुखद है. पढ़िए बाहुबली पर रोहिणी कुमारी का लेख- दिव्या विजय ======================================================== बीते शुक्रवार लोगों …

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प्रेम में डूबी सब स्त्रियाँ महुआ घटवारिन क्यों हो जाती हैं?

फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पर बनी फिल्म ‘तीसरी कसम’ के ऊपर बहुत अच्छा लेख लिखा है युवा लेखिका उपासना झा ने- मॉडरेटर ============ मीता! पहली कसम याद है न तुमको। कोई चोरी-चकारी का माल नहीं ले जाना था क्योंकि तुम जानते थे कि ‘ये महल, चौबारे यही रह जाएंगे सारे’। …

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मुक्ति-भवन – मोक्ष का वेटिंग रूम

कुछ फ़िल्में ऐसी होती है जो लीक से हटकर होती हैं। जिसे कुछ ख़ास तरह के लोग पसंद करते हैं। ऐसी ही फ़िल्म है मुक्ति भवन। फ़िल्म के बारे में युवा लेखक नागेश्वर पांचाल ने लिखा है। आप भी पढ़िए – सम्पादक ======================================================== गुस्ताव फ्लौबेर्ट कहते है “देयर इज नो …

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अशोक कुमार, उत्पल दत्त से होते हुए रुस्तम के अक्षय कुमार तक आ पहुंचा है

अक्षय जब से उत्कृष्ट अभिनय के लिए राष्टीय पुरस्कार के विजेता घोषित हुए हैं तब से लोग ताज्जुब में हैं. तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं कि उन्हें यह पुरस्कार मिला तो आखिर क्यों मिला? उनके प्रशंसक उनका पक्ष लेते हुए कहते हैं कि अक्षय बहुत मेहनती हैं. इसमें …

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‘अनारकली ऑफ़ आरा’ के निर्देशक के नाम शाजापुर के एक दर्शक का पत्र

अविनाश दास द्वारा लिखित-निर्देशित फिल्म ‘अनारकली ऑफ़ आरा’ को जिस तरह से दर्शकों का प्यार मिला है वह असाधारण है. यह पत्र शाजापुर के एक दर्शक ने निर्देशक के नाम भेजा है. आप भी पढ़िए- मॉडरेटर =================================================== (एक प्रशंसक ने अविनाश दास को भेजा एक पत्र, जो किसी बड़े-से-बड़े निर्माता …

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चीनी फिल्म ‘रेज द रेड लैंटर्न’ और स्त्रीत्व से जुड़े सवाल

चीनी फिल्म ‘रेज द रेड लैंटर्न’ पर सुश्री श्री श्री का बहुत अच्छा लेख. 1991 की यह फिल्म चीनी समाज की एक पुरानी प्रथा के ऊपर है जिसमें स्त्री सत्ता, स्त्री अधिकारों से सवाल छिपे हुए हैं- मॉडरेटर ====================================== चमत्कृत वैभव में शोकगीत गाता विनाश का प्रारब्ध जिसके तमस में रोशनी …

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तितली के परों को कभी छिलते नहीं देखा उर्फ अनारकली ऑफ आरा

आज मंगल है, बुध, बिफ्फे और बस शुक्कर को अनारकली ऑफ़ आरा रिलीज हो रही है. अविनाश दास की इस फिलिम का सबकी तरह हमें भी बहुत इन्तजार है. इस इंतजारी में फिलहाल युवा लेखक नवनीत नीरव का यह लेख पढ़िए. फिलिम पर नहीं है लेकिन बढ़िया माहौल बनाये हैं- …

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