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‘आयाम’ पटना के तीसरे वार्षिकोत्सव की रपट

पटना में लेखिकाओं की संस्था ‘आयाम’ का तीसरा वार्षिकोत्सव संपन्न हुआ. उसकी एक बहुत अच्छी रपट भेजी है युवा लेखक सुशील कुमार भारद्वाज ने- मॉडरेटर ================================== आयाम का तीसरा वार्षिकोत्सव गत दिनों पटना के ए एन कॉलेज के सभागार में साहित्यिक गहमागहमी के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। आयोजन जितना …

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ध्यान का एक प्रकार है हार्टफुलनेस

आजकल आध्यात्म से जुड़ी किताबें खूब छप रही हैं. वेस्टलैंड ने कुछ दिन पहले ही श्री श्री रविशंकर की जीवनी प्रकाशित की थी जिसकी लेखिका उनकी बहन हैं. अब ध्यान पर आधारत एक किताब वेस्टलैंड से ही आई है ‘द हार्टफुलनेस वे’. लेखक हैं कमलेश डी. पटेल और जोशुआ पोलॉक. …

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प्लास्टिक-पुस्तकों के प्रकाशन की रोचक कहानी

जैसे-जैसे लोगों की जीवन शैली बदल रही है किताबों के रूप भी बदल रहे हैं. फोन ऐप पर किताबों के साथ एक नया ट्रेंड जापान से शुरू हुआ है नहाते समय पढने के लिए प्लास्टिक के पन्नों पर छपी किताबें. आज ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में महेंद्र राजा जैन का लेख इसी …

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मैं उनका शबाब ले बैठी…

शिव कुमार बटालवी आज होते तो 81 साल के होते. पंजाबी के इस अमर कवि को याद करते हुए युवा लेखिका अणुशक्ति सिंह का लेख- मॉडरेटर =========== माये नी माये मैं एक शिकरा यार बनाया उदे सर दे कलगी, ते उदे पैरी झांझर… इन पंक्तियों को लिखने वाला मेरा वह …

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सैराट नहीं देखी है तो धड़क देखी जा सकती है

‘धड़क‘ फिल्म पर अनु रॉय की टिप्पणी- मॉडरेटर ============================= “जो मेरे दिल को दिल बनाती है तेरे नाम की कोई धड़क है ना.” सच है न. बिना प्रेम के हम क्या हम होते जो आज हैं, नहीं. प्रेम में हम रचते हैं ख़ुद को नए सिरे से. हम महबूब बन …

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पंकज कौरव और शनि श्रृंखला की आठ कविताएँ

हम ग्रहों-नक्षत्रों के बारे में बात नहीं करते, बल्कि उसकी तरफ उदासीन रहकर अपनी प्रगतिशीलता जताते रहते हैं और यह नहीं देखते कि समाज पर इनका प्रभाव बढ़ता जा रहा है. पिछले दस-बारह सालों में शनि का प्रभाव समाज पर बढ़ता गया है. जगह-जगह शनि मंदिर बन रहे हैं, शहरों-बाजारों …

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नीरज हिंदी में प्रेम की पीड़ा के सबसे मौलिक कवि थे

नीरज जी को श्रद्धांजलिस्वरूप यह लेख लिखा है युवा कवयित्री उपासना झा ने- मॉडरेटर ===================================================== श्री गोपालदास नीरज हिंदी के सर्वाधिक लोकप्रिय कवियों में एक थे. कविता, प्रेमगीत, दोहों, मुक्तक, गजल सब विधा में उन्होंने खूब लिखा. काव्य-समारोहों में उनकी अपार लोकप्रियता ने उन्हें अपने समय के सबसे ज्यादा पढ़े …

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प्रेम और रूमान के इस गीतकार ने जैसे अन्तस छू दिया हो

कवि-गीतकार नीरज का कल निधन हो गया. जिस तरह से सोशल मीडिया, मीडिया में उनको याद किया जा रहा है उससे लगता है कि वे सच्चे अर्थों में जनकवि थे. समाज के हर तबके में उनके प्रेमी थे. कल वे ट्विटर पर भी ट्रेंड कर रहे थे और आज ‘दैनिक …

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‘सूरमा’ दलजीत दोसांझ के लिए याद की जायेगी

सूरमा  फिल्म पर नवीन शर्मा का लेख- मॉडरेटर =============================== आज भले ही क्रिकेट हमारे देश का सबसे लोकप्रिय खेल बन गया है लेकिन हमारा राष्ट्रीय खेल तो हॉकी ही है। हॉकी में भारत की उपलब्धियों का इतिहास बेहद शानदार रहा है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद, झारखंड के जयपाल सिंह …

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हिंदी साहित्य के प्रारंभिक इतिहास : एक तुलनात्मक अध्ययन

योगेश प्रताप शेखर दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं. प्रखर और मुखर वैचारिकता के साथ लिखते हैं. उनका यह लेख ‘तद्भव 37’ में प्रकाशित हुआ है जिसमें उन्होंने हिंदी साहित्य के आरंभिक इतिहास-लेखन के पीछे की राजनीति को टटोलने का प्रयास किया है. लेख बहुत रोचक शैली में लिखा …

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