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दुनिया की सबसे नीरस किताब कौन सी होगी?

नॉर्वे-प्रवासी डॉक्टर प्रवीण झा के लेखन से, लेखन की धार से हम सब अच्छी तरह परिचित हैं. न उनके पास लिखने के लिए विषयों की कमी पड़ती है, न कभी भाषा में झोल पड़ता है. बस एक बात और कि इस बार जानकी पुल पर उनकी चिट्ठी बहुत दिनों बाद …

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मिखाइल बुल्गाकोव की कहानी ‘चीचिकव के कारनामे’

मिखाइल बुल्गाकोव को प्रसिद्ध उपन्यास ‘मास्टर एंड मार्गरिटा’ के लिए जाना जाता है. आज उनकी एक व्यंग्यात्मक कहानी ‘चीचिकव के कारनामे पढ़िए. निकोलाय गोगल की ” Dead Souls” तथा अन्य कहानियों के पात्रों पर आधारित (उन्हींके स्वाभाविक गुणों को ध्यान में रखते हुए) ये कहानी लिखी गई है. बुल्गाकोव को …

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प्राचीन भारत में गुप्तचर-व्यवस्था : एक संक्षिप्त शोध

त्रिलोक नाथ पाण्डेय, जो अभी हाल में ही भारत सरकार के गुप्तचर ब्यूरो से लम्बी सेवा के बाद उच्च पद से रिटायर हुए हैं, ने गुप्तचरी की प्राचीनता और महत्ता पर बड़ा शोधपूर्ण लेख लिखा है. प्राचीन भारत में जासूसों की रहस्यमयी दुनिया और उनके जटिल व कुटिल कारनामों को …

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सिंगापुर डायरी: 2: एक देश की जीवनशैली दूसरे देश की ज़रूरतमन्दी पर टिकी है

अनुकृति उपाध्याय हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखती हैं. उनका एक अंग्रेजी उपन्यास अगले साल प्रकाशित हो रहा है. एक अंतर्राष्ट्रीय वित्त संस्थान में काम करती हैं और उनकी कहानियों में समकालीन जीवन स्थितियों के कथानक हैं. इन दिनों सिंगापुर डायरी लिख रही हैं. यह उसकी दूसरी क़िस्त है- मॉडरेटर ========================================= …

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मिथिलेश कुमार राय की टटकी कविताएँ

मिथिलेश कुमार राय मेरे प्रिय कवियों में एक हैं. इनकी कविताओं को पढ़ते हुए मुझे अपने जीवन में छूटे हुए ग्रामीण-कस्बाई दृश्य, शब्दावली याद आ जाती है. वे बहुत सहजता से हाशिये के जीवन का काव्यात्मक वृत्तान्त रच देते हैं. आज उनकी मन भर कविताएँ पढ़िए- मॉडरेटर ========================   पिता …

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पंकज कौरव और राहू सीरिज की चार कविताएँ

पंकज कौरव का लेखन मुझे इसलिए बहुत पसंद है क्योंकि लेखन में प्रयोग का साहस उनके अन्दर है और वे अपने प्रयोगों को साध भी लेते हैं. मसलन छाया ग्रह राहू को लेकर लिखी गई उनकी कविताएँ पढ़िए- मॉडरेटर ========================================================= राहु – 1   मैं न होकर भी उतना हूं …

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सौम्या बैजल की नई कविताएँ

हिंदी का विस्तार अनेक रूपों में हुआ है. सबसे उत्साहवर्धक बात यह है कि हिंदी में अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों ने लिखना शुरू किया. अलग-अलग पेशों को लोग हिंदी में लिख रहे हैं. जिनको हिंदी में आउटसाइडर समझे जाने वाले लोग आज इनसाइडर माने जा रहे हैं, और उनके लेखन …

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सिंगापुर शहर कम है, उपभोक्तावाद का मंदिर है

यात्राओं का मौसम चल रहा है. कोई कहीं जा रहा है, कोई लौट रहा है. युवा लेखिका अनुकृति उपाध्याय की कहानियां हम पढ़ते रहे हैं. इस बार वह सिंगापुर डायरी के साथ आई हैं. सिंगापुर की कुछ छवियाँ उनके सम्मोहक गद्य में पढ़िए- मॉडरेटर =============== सिंगापुर – १ “हम सिंगापुर …

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वीरेन डंगवाल की सम्पूर्ण कविताएँ: मंगलेश डबराल की भूमिका

वीरेन डंगवाल सच्चे अर्थों में जनकवि थे. उनकी मृत्यु के बाद उनकी सम्पूर्ण कविताओं का संकलन आया है ‘कविता वीरेन’. किताब का प्रकाशन नवारुण प्रकाशन से हुआ है. भूमिका लिखी है जाने माने कवि मंगलेश डबराल ने. प्रस्तुत है वह भूमिका- मॉडरेटर ==================================== ‘इन्हीं सड़कों से चल कर आते हैं आततायी/ …

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गगन गिल के नए कविता संग्रह से पांच कविताएँ

गगन गिल ने एक दौर में हिंदी कविता को नया मुहावरा दिया. दुःख की नई आवाज पैदा की. ऐसी आवाज जिसमें निजी-सार्वजनिक सब एकमेक हो जाते हैं. यह ख़ुशी का विषय है कि तकरीबन 14 साल बाद उनका नया कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘मैं जब तक आई बाहर’. यह …

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