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कैनेडियन लेखिका मारग्रेट एटवुड की कुछ कविताएँ

मारग्रेट एटवुड को आम तौर पर ‘ब्लाइंड असैसिन्स’ उपन्यास के लिए जाना जाता है. जिसके ऊपर उनको बुकर पुरस्कार मिला था. उनके उपन्यासों को पांच बार बुकर पुरस्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया जा चुका है. 77 साल की इस कैनेडियन लेखिका ने कविताएँ भी लिखी हैं. आज कुछ कविताएँ, जिनका …

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मार्केज़ एक बीते हुए जीवन को फिर से सृजित करने की ज़िद करते हुए लिखते रहे

आज गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ का जन्मदिन है. कुछ साल पहले उनको याद करते हुए यह लेख शिव प्रसाद जोशी ने लिखा था. तब न पढ़ा हो तो अब पढ़ लीजियेगा- मॉडरेटर ========================= ”लोग सपने देखना इसलिये बंद नहीं करते कि वे बूढ़े होते जाते हैं,वे तो बूढ़े ही इसलिये होते …

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विशुद्ध आत्मा के कवि पीयूष दईया का काव्य पाठ

हम पीयूष दईया के इस काव्यपाठ के साथ काव्य पाठ की सीरीज शुरू कर रहे हैं. एक गहरे दार्शनिक कवि के काव्यपाठ से- प्रभात रंजन  

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बाबुषा की कुछ नई कविताएँ

जानकी पुल आज से अपने नए रूप में औपचारिक रूप से काम करने लगा है. पिछले कई महीने से मेरे युवा साथी निशांत सिंह इसे नया रूप देने के काम में लगे थे. बहुत मेहनत का काम इसलिए था क्योंकि ब्लॉगस्पॉट से इस नए मंच पर पिछली सारी सामग्री डालने …

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शुरुआत ‘कुछ नहीं’ है

स्कूली लेखक अमृत रंजन इस बार बहुत दिनों बाद जानकी पुल पर लौटा है. उसकी कविताओं से हम सब भली भांति परिचित हैं. एक बार उसने स्कूल डायरी लिखी थी और एक बार चेतन भगत के उपन्यास ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ की समीक्षा की थी. इस बार वह कुछ दार्शनिक प्रश्नों से …

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पाकिस्तान का नमक खाया है

नॉर्वे-प्रवासी डॉक्टर व्यंग्यकार प्रवीण कुमार झा आज नए व्यंग्य के साथ- मॉडरेटर  =======================================================   मैं पाकिस्तान का नमक खाता हूँ। भड़किये नहीं! मैं ही नहीं, कई प्रवासी भारतीय पाकिस्तान का नमक-मसाला खाते हैं। दरअसल, यहाँ जितने भारतीय नमक-मसाले की दुकानें हैं, पाकिस्तानियों की है। अधिकतर रेस्तराँ, जिनमें हर तीसरे का …

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बापू! देश का अंतिम जन अपने अंत की ओर बढ़ रहा है!

महात्मा गाँधी की वतन वापसी के सौवें साल में उनके नाम यह मार्मिक पाती लिखी है दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थी नंदलाल सुमित ने- मॉडरेटर  =================== प्यारे बापू,  आपके वतन वापसी का सौवां साल है यह. देश भर में उत्सव मनाया जा रहा है. आपकी खूब पूजा हुई है. लाखों टन …

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‘जेड प्लस’ के लेखक रामकुमार सिंह से एक बातचीत

21 नवम्बर की ‘चाणक्य’ और ‘पिंजर’ फेम निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म ‘जेड प्लस’ रिलीज हो रही है. यह फिल्म हिंदी लेखक रामकुमार सिंह की मूल कहानी पर आधारित है. यह हमारे लिए ख़ुशी की बात है कि एक लेखक ने फिल्म लेखन में दिलचस्पी दिखाई और एक कायदे का …

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लड़कियां तरह-तरह से बचाए रखती हैं अपना प्रेम

‘लव जेहाद’ के बहाने ये कविताएं लिखी जरूर गई हैं मगर ये प्रेम की कवितायेँ हैं, उस प्रेम की जिसके लिए भक्त कवि ‘शीश उतार कर भूईं धरि’ की बात कह गए हैं. ये कवितायेँ प्रासंगिक भी हैं और शाश्वत भी. प्रियदर्शन की कविताई की यह खासियत है कि वे …

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लखनऊ और अमृतलाल नागर दोनों एक दूसरे के लिए बने थे!

आज हिंदी के विलक्षण गद्यकार अमृतलाल नागर की जयंती है. नागर जी की स्मृति को प्रणाम करते हुए लखनवी ठाठ के इस लेखक पर समकालीन लेखक दयानंद पाण्डेय का यह लेख पढ़िए, जो बड़ी रोचक शैली में लिखा गया है- मॉडरेटर  ============================= कहना बहुत कठिन है कि अमृतलाल नागर(1916 -1990) का …

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