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गुजराती भाष की लेखिका कुंदनिका कापड़िया की कहानी ‘अवकाश’

कुंदनिका कापड़िया गुजराती की प्रसिद्ध लेखिका थीं। अभी पिछले हफ़्ते ही उनका निधन हो गया। उनकी एक कहानी का अनुवाद प्रस्तुत है। अनुवाद किया है प्रतिमा दवे शास्त्री ने- मॉडरेटर ==================== चिट्ठी लिखकर उसने टेबल पर रखी और घर की चाबी, किताब व पर्स लेकर निकल ही रही थी कि …

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इक्कीसवीं सदी के ग्रामीण यूनिवर्स की जातक उर्फ़ जात कथा का आख्यान

वरिष्ठ लेखक हृषीकेश सुलभ के उपन्यास ‘अग्निलीक’ को पढ़ते हुए यह टिप्पणी लिखी है जानी मानी लेखिका वंदना राग ने, हाल में ही जिनका उपन्यास आया है ‘बिसात पर जुगनू’। यह टिप्पणी दो पीढ़ियों का संवाद है – ======= अग्निलीक एक मुख्तलिफ़ सा उपन्यास है।  न सिर्फ अपने कलेवर और …

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नाज़ीवाद एक जन-आंदोलन था

1935 में जर्मन और यहूदी मूल के एक अमेरिकी पत्रकार, ‘मिल्टन मेयर‘ जर्मनी गए थे, हिटलर का साक्षात्कार लेने के मकसद से। “मैं इस राक्षसी शख़्स, इस ‘नाज़ी’ को देखना चाहता था। मैं उससे बात करना चाहता था, और उसे सुनना चाहता था। मैं उसे समझने की कोशिश करना चाहता …

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लेखिका वंदना टेटे को पांचवां शैलप्रिया स्मृति सम्मान

राँची से दिए जाने वाले प्रतिष्ठित शैलप्रिया स्मृति सम्मान की घोषणा हो गई है। पाँचवाँ सम्मान झारखंड की प्रसिद्ध लेखिका वंदना टेटे को देने की घोषणा की गई है- मॉडरेटर ============================== पांचवां शैलप्रिया स्मृति सम्मान झारखंड की सुपरिचित लेखिका वंदना टेटे को देने का निर्णय हुआ है। इस सम्मान के …

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बाबा की सियार, लुखड़ी की कहानी और डा॰ रामविलास शर्मा

लिटरेट वर्ल्ड की ओर अपने संस्मरण स्तंभ की खातिर डा॰ रामविलास शर्मा की यादों को उनके तीसरे पुत्र विजय मोहन शर्मा एवं पुत्रवधू संतोष से बातचीत द्वारा शब्दबद्ध करने का प्रयास किया गया था। डा॰ शर्मा विजय के पास रहकर ही 20 वर्षों तक लगातार अपनी साहित्य साधना करते रहे …

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‘मार्ग मादरज़ाद’ की कविताएँ: पीयूष दईया

आजकल लेखन में ही कोई प्रयोग नहीं करता कविता में करना तो दूर की बात है। सब एक लीक पर चले जा रहे हैं। लेकिन कवि संपादक पीयूष दईया अपनी लीक के मार्गी हैं। कम लिखते हैं, लेकिन काया और माया के द्वंद्व में गहरे धँस कर लिखते हैं। सेतु …

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इमरोज से वे कहतीं – आग तुम जलाओ और रोटी मैं बनाती हूँ

संस्मरण के इस भाग में फिर मिलते हैं इमरोज से। देखते हैं कि एक भावुक व्यक्ति, एक भावुक कलाकार कैसे प्रेम–प्यार, व्यक्ति, परिवार और समाज को देखता है। अमृता के विषय में लम्बी बातचीत करने के बाद जब इमरोज से मैंने उन दोनों की तस्वीरें मांगी, थोड़ी देर बाद ही …

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इंविटेशन एक नहीं, दो मंगाना मैं भी साथ चलूंगा – इमरोज

अमृता प्रीतम और इमरोज का रिश्ता, जिसने कभी भी, किसी तरह के सामाजिक बंधनों की परवाह नहीं की। उन्होंने अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जिया, सिर्फ एक–दूसरे की परवाह करते हुए। वे एक ही छत के नीचे दो अलग–अलग कमरों में रहते थे। पत्रकार-अनुवादक संगीता के द्वारा इमरोज से …

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किन्नौर- स्पीति घाटी : एक यात्रा-संस्मरण

कमलेश पाण्डेय वैसे व्यंग्यकार हैं लेकिन यात्रा इनका जुनून है। इनका यह यात्रा संस्मरण पढ़िए- मॉडरेटर ===================================================== पहाड़ आमतौर पर बड़े मनोरम जगह होते हैं. ख़ास कर उनके लिए जो वहां घूमने –फिरने जाते हैं. उनके पास खूब सारे गर्म कपडे और गर्म खाना-पीना होता है. साथ ही जलेबी जैसी …

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अरविंद दास का लेख ‘बेगूसराय में ‘गली बॉय’

बिहार के बेगूसराय का चुनाव इस बार कई मायने में महत्वपूर्ण है।कन्हैया कुमार जहाँ भविष्य की राजनीति की उम्मीद हैं तो दूसरी तरफ़ उनका पारम्परिक राजनीति की दो धाराओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। जीत हार बाद की बात है लेकिन यह चुनाव विचारधारों के संघर्ष का एक बड़ा …

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