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सत्य व्यास के बहुप्रतीक्षित उपन्यास ‘चौरासी’ का एक अंश

सत्य व्यास के लेखन ने निस्संदेह हिन्दी के युवा लेखकों-पाठकों में नए उत्साह का संचार किया है। उपन्यास की प्री बुकिंग करवाकर मैं भी बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहा हूँ। फिलहाल उपन्यास के एक पठनीय अंश का आनंद लेते हैं- प्रभात रंजन ================= कहानियों को गंभीर और अलग बनाने के बहुत …

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‘दुर्वासा क्रोध’ वाला मानवीय व्यक्तित्व

विष्णु खरे के निधन के बाद जो श्रद्धांजलियाँ पढ़ीं उनमें मुझे सबसे अच्छी वरिष्ठ लेखक विनोद भारद्वाज की लगी। इंडिया टुडे में प्रकाशित इस श्रद्धांजलि को साभार प्रस्तुत कर रहा हूँ- प्रभात रंजन ============================================ कभी-कभी मौत एक बहुत गलत और अजीब समय पर आकर दरवाजे पर चुपचाप खड़ी हो जाती …

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स्टोरीटेल: ऑंखें बंद करके कहानी में घुल जाना

स्टोरीटेल ऐप पर कहानी सुनने के अनुभव को हमसे साझा कर रही हैं सुपरिचित लेखिका इरा टाक। स्टोरीटेल के लिए उन्होने आडियो सीरीज भी लिखा है- मॉडरेटर ========================== =========================== थोडा होश सँभालते ही हम कहानियों की गिरफ्त में आ जाते हैं.. बचपन में दादी, नानी, फिर माँ के किस्से, कहानी …

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विष्णु खरे की एक असंकलित कविता

विष्णु खरे की एक असंकलित कविता कवि-संपादक पीयूष दईया ने उपलब्ध करवाई है।  विष्णु खरे की स्मृति को प्रणाम के साथ- मॉडरेटर ================ वसन्त  वे दौड़ कर दीवार तक पहुँच जाते हैं दरारों में झाँक वापस मेरी ओर गर्दन मोड़ कर मेरी पीठ से पूछते हैं क्या तुम गंधस्नाता वासन्ती बयार …

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उभरेंगे रंग सभी: ‘मनमर्जियां’ में इश्‍क का मनोवैज्ञानिक शेड

हाल में रीलीज़ हुई फिल्म ‘मनमर्जियां’ पर पाण्डेय राकेश की टिप्पणी- मॉडरेटर =============================================   ‘प्रेम के मनोविज्ञान की यही सबसे खास बात है कि व्‍यक्ति अपने संभावित प्रेमी/ प्रेमिका में स्‍वयं के ‘कैरेक्‍टर से बाहर’ आने की संभावना देखता है।’         ‘मनमर्जियां’ में अनुराग कश्‍यप अपनी विशिष्‍ट …

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वीरेन डंगवाल की सम्पूर्ण कवितायें पर अरविंद दास की टिप्पणी

अभी हाल में ही नवारुण प्रकाशन से जनकवि वीरेन डंगवाल की सम्पूर्ण कविताओं की किताब प्रकाशित हुई है। उसके ऊपर एक सारगर्भित टिप्पणी युवा लेखक-पत्रकार अरविंद दास की- मॉडरेटर ============================================= समकालीन हिंदी कविता की बनावट और बुनावट दोनों पर लोक की छाप स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है. लोक की …

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अधूरेपन की पूरी कहानी

इस साल के चर्चित उपन्यासों में एक उपन्यास भगवंत अनमोल का उपन्यास ‘जिंदगी 50-50’ भी रहा है। उसकी एक समीक्षा आज पीयूष द्विवेदी भारत के शब्दों में- मॉडरेटर ============================== भगवंत अनमोल के उपन्यास ‘ज़िन्दगी 50 50’ के विषय में प्रचलित यह है कि इसका कथानक किन्नर समाज की त्रासदियों पर …

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अंबर पाण्डेय की कुछ नई प्रयोग-कविताएं

इस समय हिन्दी में सबसे प्रयोगशील कवि अंबर पांडे हैं। जब उनकी कविताओं का मुहावरा समझ में आने लगता है कि वे उसको बदल देते हैं। भाषा-लहजा सब कुछ बदलने वाला यह कवि हर बार कुछ चमत्कार कर जाता है। नई कविताएं पढ़िये- मॉडरेटर ============== तमाशा-ए-नसीब तमामी तहमद हो कि …

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वरिष्ठ कवि ऋतुराज की चीन डायरी

आज हिन्दी दिवस है। सुबह से सोच रहा था कि क्या लगाऊँ। अंत में मुझे लगा कि आज किसी वरिष्ठ लेखक का लिखा पढ़ा-पढ़ाया जाये। ऋतुराज जी की चीन डायरी कल रात ही ‘बनास जन’ में पढ़ी थी। सोचा आप लोगों से भी साझा किया जाये- मॉडरेटर ============== 15 अप्रैल, …

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राहुल तोमर की नई कविताएँ

हिन्दी में कविता ऐसी विधा है जिसमें सबसे अधिक लिखा जाता है लेकिन यह भी सच्चाई है कि इसी विधा में सबसे अधिक प्रयोग होते हैं, अभिव्यक्ति की नवीनता के दर्शन होते हैं। राहुल तोमर की कविताओं में भी ताजगी है, कहने का अंदाज़ नया है। जैसे इन कविताओं में- …

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