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जसिंता केरकेट्टा की कुछ कविताएँ

जसिंता केरकेट्टा झारखंड में रहती हैं और उनकी कविताओं में मूल निवासी समाज का दर्द, संघर्ष नज़र आता है। आज उनकी कुछ कविताएँ पढ़ते हैं जो उनके शीघ्र प्रकाशित होने वाले कविता संग्रह ‘ईश्वर और बाज़ार’ से है, जिसका प्रकाशन राजकमल से होने वाला है – मॉडरेटर =========================== 1.   …

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रेणु के ‘लोकल’ का फलक दरअसल ‘ग्लोबल’ है

फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यासों, कहानियों में आंचलिकता कोई सीमा नहीं थी बल्कि वह आज़ाद भारत के ग्रामीण समाज के विराट स्वप्न के लेखक थे, जो शहरीकरण को विकास का एकमात्र पैमाना नहीं मानते थे न ही गाँवों को पिछड़ेपन का प्रतीक। उनके लेखन पर हिमाचल में रहने वाली लेखिका, अनुवादिका …

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रेणु, आज़ादी के स्वप्न और मैला आँचल:हृषीकेश सुलभ

आज फणीश्वरनाथ रेणु जयंती है। आज से उनकी जन्म शताब्दी का साल भी शुरू हो रहा है। वे एक बड़े विजन के लेखक थे। उनकी अमर कृति ‘मेला आँचल’ की चर्चा के बिना आधुनिक हिंदी साहित्य की कोई भी चर्चा अधूरी ही मानी जाएगी। आज उनकी इस कृति का सम्यक् …

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