Recent Posts

मातृत्व के अनदेखे पहलू टटोलता उपन्यास ‘इब्नेबतूती’

दिव्य प्रकाश दुबे का नया उपन्यास आया है ‘इब्नेबतूती’। वे नई वाली हिंदी के पहले पोस्टर बॉय रहे हैं। उनके पाठकों की तादाद बड़ी है। उनके इस उपन्यास पर मैं बाद में लिखूँगा। फ़िलहाल युवा लेखक पीयूष द्विवेदी की लिखी समीक्षा पढ़िए- ========  ‘माँ’ एक ऐसा विषय है, जिसे केंद्र …

Read More »

बिटवीन द लाइंस की पढ़त है ‘सिनेमागोई’

नवल किशोर व्यास रंगकर्मी हैं, अभिनेता हैं और फ़िल्मों पर अच्छा लिखते हैं। उनके कुछ लेख पहले जानकी पुल पर प्रकाशित भी हुए हैं। अभी उनकी किताब आई है ‘सिनेमागोई’, जिसकी समीक्षा लिखी है अमित गोस्वामी ने। अमित जी सरोद वादक हैं और अच्छे ग़ज़लगो हैं। आप यह समीक्षा पढ़िए- …

Read More »

शेर, आदमी और ज़ुबान का घाव: मृणाल पाण्डे

बच्चों को न सुनाने लायक बालकथा की यह ग्यारहवीं किस्त है। जानी मानी लेखिका मृणाल पाण्डे लोककथाओं को नए सिरे से लिख रही हैं और वे कथाएँ हमें अपने आसपास की लगने लग रही हैं। आइए इस कथा में जानते हैं कि शेरों ने मनुष्य के ऊपर कब भरोसा करना …

Read More »