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और उन्हीं गहराइयों में उतर गए कैफ़ी

—संगीता  ने यह संस्मरण कैफ़ी आज़मी के मई 2002 में निधन के बाद लिटरेट वर्ल्ड के लिए उन पर केंद्रित विशेष अंक के लिए लिखा था। आपके लिए प्रस्तुत है-  ======================================== 23 दिसंबर, 2000 का दिन। तक़रीबन बारह बज कर 10 मिनट के आस-पास का समय रहा होगा। 23, अशोक …

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श्रीराम डाल्टन की फ़िल्म ‘स्प्रिंग थंडर’ पर गीताश्री की टिप्पणी

श्रीराम डाल्टन ऐक्टिविस्ट फ़िल्ममेकर रहे हैं। उनकी फ़िल्म ‘स्प्रिंग थंडर पर यह टिप्पणी लिखी है वरिष्ठ लेखिका गीताश्री ने। गीता जी पहले भी फ़िल्मों पर लिखती रही हैं। आउटलुक में उनके लिखे कई लेख मुझे आज भी याद है। कल ‘आर्या’ देखते हुए मुझे गीताश्री की सुष्मिता सेन के साथ बातचीत …

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मृणाल पाण्डे की कथा: लोल लठैत और विद्या का घड़ा

बच्चों को न सुनाने लायक बालकथा -3 प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पांडे अपने लेखन में निरंतर प्रयोग करती रहती हैं। हाल के वर्षों में जितने कथा प्रयोग मृणाल जी ने किए हैं उतने कम लेखकों ने ही किए होंगे। बच्चों को न सुनाने लायक बालकथा उनकी नई सीरिज़ है जिसमें वह …

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