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पराग मांदले की कहानी ‘चाह की गति न्यारी’ उपसना झा की टिप्पणी के साथ

‘नया ज्ञानोदय’ के अगस्त अंक में प्रकाशित पराग मांदले की कहानी ‘चाह की गति न्यारी’ पढ़िए युवा कवयित्री-लेखिका उपासना झा की टिप्पणी के साथ- मॉडरेटर =============================== नया ज्ञानोदय के अगस्त अंक में छपी पराग मांदले की कहानी ‘चाह की गति न्यारी’ मनुष्य के मन की परतों को खोलती हुई एक अच्छी …

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ईशान त्रिवेदी की कहानी ‘स्टील का बिल्ला’

एनएसडी के ग्रेजुएट, फ़िल्मों-टीवी की दुनिया के वरिष्ठ पेशेवर ईशान त्रिवेदी के छोटे छोटे क़िस्सों का मेरे ऊपर ग़ज़ब जादू हो गया है। हर बार एक ताज़ा अहसास से भर देती हैं उनकी कहानियाँ। जैसे इसी कहानी को लीजिए- मॉडरेटर ================================ मेरे घर कामरेड सुरजीत सिंह आ रहे थे। सी …

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अभिषेक रामाशंकर की तीन कविताएँ

मैं जब सोचता हूँ कि अब कविताएँ नहीं पढ़ूँगा, जानकी पुल पर कविताएँ नहीं। तभी कोई कवि आ जाता है, कोई कविता आ जाती है और सोचता हूँ एक बार और लगा लेता हूँ कविताएँ। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे अभिषेक रामाशंकर की कविताएँ पढ़कर भी ऐसा ही लगा। आप …

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