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ईशान त्रिवेदी की कहानी ‘कंदील’

ईशान त्रिवेदी फ़िल्मी जगत के जाने माने नाम हैं। उनका पहला उपन्यास ‘पीपलटोले के लौंडे’ राजकमल प्रकाशन समूह से आया है। उनकी क़िस्सागोई और कथाभूमि दोनों प्रभावित करते हैं। जैसे कि इस कहानी में- मॉडरेटर =============== कंदील मेरी दादी की सबसे अच्छी दोस्त टुइंयाँ दादी विधवा और बहुत गरीब थीं। …

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विश्व पुस्तक मेला का सरप्राइज़ पैक रहा हिंद पॉकेट बुक्स

विश्व पुस्तक मेला समाप्त हो गया। आख़िरी तीन दिनों में लगभग सभी प्रकाशकों के लिए मेला अच्छा रहा। हमेशा की तरह राजकमल प्रकाशन ने अपने पंडाल, अपने कार्यक्रमों से मेले में माहौल बनाए रखा। राजकमल की होड़ और किसी से नहीं अपने आप से ही आगे निकलने की है, और …

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‘एसिड पहले दिमाग में घुलता है तभी तो हाथ में आता है’

छपाक एक ऐसी फ़िल्म है जिसको गम्भीर लोगों ने अपने विषय के लिए पसंद किया। हर फ़िल्म व्यवसायिक सफलता-असफलता के लिए बनाई नहीं जाती है बल्कि कुछ फ़िल्मों के निर्माण के पीछे वजह होती है किसी बड़ी समस्या के ऊपर ध्यान आकर्षित करना। ‘एसिड अटैक’ ऐसी ही एक गम्भीर बुराई …

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