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मृणाल पाण्डे की कथा ‘नकाबपोश नकटापंथ की उत्थान-पतन कथा’ 

पुरानी लोककथाओं की शैली में प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे कथा सीरिज़ लिख रही हैं ‘बच्चों को न सुनाने लायक़ बालकथाएँ’। यह सोलहवीं कथा है जो साधू के वेश में रह रहे एक ठग की कथा है। रोचक और प्रासंगिक। आप भी आनंद उठाइए- =================== बहुत दिन हुए एक शहर में …

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आत्मनिर्भरता का  लक्ष्य और मातृभाषा में शिक्षा

अशोक महेश्वरी का यह लेख भारतीय भाषाओं में शिक्षा और आत्मनिर्भरता को लक्ष्य करके लिखा गया है। इस लेख में उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए हैं, जैसे यह कि बाजार की दृष्टि से भारतीय भाषाओं का आकलन किया ही नहीं गया। भारतीय भाषाओं के बीच आपसी आदान-प्रदान के माध्यम से …

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हिन्दी दिवस – कथा का उपसंहार: नवीन चौधरी

नवीन चौधरी ‘जनता स्टोर’ के लेखक हैं, किताबों की मार्केटिंग के क्षेत्र के अनुभवी व्यक्ति है। हिंदी के नए पाठकों को लेकर उनका यह सर्वेक्षण नए पाठकों के मानस को समझने में बहुत मदद करने वाला है। आप भी पढ़िए- ==================== 14 तारीख को धूमधाम से हिन्दी दिवस मनाया गया। …

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