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सत्य और गल्प की गोधूलि का लेखक शरतचन्द्र

कई साल पहले प्रकाश के रे जी के कहने पर महान लेखक शरतचन्द्र पर यह लेख लिखा था।आज उनकी जयंती पर याद आ गया- प्रभात रंजन ======================================== शरतचन्द्र जिस दौर में लिख रहे थे तब साहित्य, राजनीति हर तरफ सुधार, उद्धार, आदर्शों की चर्चा रहती थी. उसी युग में शरतचंद्र …

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गौतम राजऋषि की कहानी ‘चिल-ब्लेन्स’

सेना और कश्मीर के रिश्ते को लेकर इस कहानी का ध्यान आया। गौतम राजऋषि की यह कहानी इस रिश्ते को एक अलग ऐंगल से देखती है, मानवीयता के ऐंगल से। मौक़ा मिले तो पढ़िएगा- मॉडरेटर =====================             “क्या बतायें हम मेजर साब, उसे एके-47 से इश्क़ हो गया और छोड़ …

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क्या हिंदी, हिंदी ढंग की हो गई है?

दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी पढ़ने से लेकर पढ़ाने तक के अनुभवों को लेकर एक लेख कल दैनिक जागरण में प्रकाशित हुआ। तीस साल पहले कंप्लीट अंग्रेज़ीदां माहौल में दिल्ली विश्वविद्यालय कैंपस में हिंदी के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा पास होने से बड़ी चुनौती अंग्रेजियत की परीक्षा पास होने की होती …

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