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लॉकडाउन और अज्ञेय की कहानी ‘गैंग्रीन’

आजकल मुझे अज्ञेय की कहानी ‘गैंग्रीन’ कहानी का ध्यान आता है, जो रोज़ के नाम से भी प्रकाशित हुई है। इस कहानी को स्त्री-विमर्श के संदर्भ में पढ़ा जाता रहा है लेकिन आजकल मुझे यह कहानी दिन के ख़ालीपन, उजाड़ की कहानी लगने लगी है। आज अचानक याद आई यह …

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त्रिपुरारि की कहानी ‘जिगोलो’

कुछ माह पहले युवा लेखक त्रिपुरारि का कहानी संग्रह आया है ‘नॉर्थ कैम्पस’। त्रिपुरारि की शायरी की तरह उनकी कहानियों में भी युवा जीवन की संवेदनाएँ हैं। वह आज के लेखक हैं। आज के युवा किस तरह सोचते हैं, उनकी लाइफ़ स्टाइल क्या है, उनकी कहानियों को पढ़ते हुए समझा …

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नक्शे, सरहदें, शांति,  लघु जीवन और कला की एकरूपता से सजी है ‘बिसात पर जुगनू’

वंदना राग के उपन्यास ‘बिसात पर जुगनू’ पर यह टिप्पणी राजीव कुमार की ने लिखी है। उपन्यास राजकमल से प्रकाशित है- =============== “हम सब इत्तिहाद से बने हैं। हम सबमें एक दूसरे का कोई ना कोई हिस्सा है। इंसान इस सच से रू – ब – रू हो जाए तो …

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