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बुदापैश्त में हिन्दी: विजया सती

हिंदू कॉलेज की सेवानिवृत्त प्राध्यापिका विजया सती अपने अध्ययन-अध्यापन जीवन के संस्मरण लिख रही हैं। हम पहले चार किस्त पढ़ चुके हैं। यह नई कड़ी है। आप भी पढ़िए- ================== कॉलेज में अध्यापन करते हुए अवसर भरपूर मिलते कि हम कुछ और कर सकें. हमारे अग्रज और कनिष्ठ – बहुत …

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नाटक ‘फ़रेब-ए-हस्ती’: फिक्शन, कॉमेडी और उर्दू शायरी का कोलाज

डॉक्टर सादिक़ उर्दू के जाने-माने विद्वान लेखक हैं और उन चंद उर्दूदाँ में हैं जो हिंदी में भी लिखते हैं। उनका नया नाटक आया है ‘फ़रेब-ए-हस्ती’। इस नाटक में कबीर भी हैं और ग़ालिब भी। उसी नाटक की समीक्षा पढ़िए, जिसको लिखा है वी.के. गुप्ता ने। आप भी पढ़िए- ================== …

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वे 15 शताब्दी तक प्रसिद्ध रहेंगे

युवा लेखक द्वारिका नाथ पांडेय ने महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले के बारे में लिखा है। उनका पढ़ना मुझे इसलिए दिलचस्प लगा क्योंकि वे जिस पीढ़ी के हैं उस पीढ़ी ने पेले को मैदान पर खेलते हुए नहीं देखा था या उनके मैचों की कमेंट्री नहीं सुनी थी। आप भी पढ़िए- …

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