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‘जापानी सराय’ और अनुभव का नया संसार

अनुकृति उपाध्याय के कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ की समीक्षा लिखी है डॉ. संजीव जैन ने. यह कहानी संग्रह ‘राजपाल एंड संज’ से प्रकाशित है- मॉडरेटर ================================= ‘सोचना, पुकारने से कदम भर ही दूर है’ (जापानी सराय और अनुकृति जी की अन्य कहानियां) यह किसी कहानी का शीर्षक नहीं है, यह …

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‘जहाँ नहीं गया’ की कविताओं में समकालीनता और भविष्य

कवि अमृत रंजन के कविता संग्रह ‘जहाँ नहीं गया’ की समीक्षा लिखी है सुपरिचित कवयित्री स्मिता सिन्हा ने- मॉडरेटर ============== आसमान के सात रंग मेरी ही करतूत हैं । जी हाँ ! अचम्भित ? यह वही सात दुपट्टे हैं , जो हर दिन हवा में फेंका करता था । मुझे …

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हिंदी का सबसे बड़ा साहित्यिक प्रकाशन समूह कौन है?

यह पुराने प्रकाशनों के विलयन का दौर है, उनको नया रूप देने के लिए बड़े प्रकाशकों द्वारा अपनाया जा रहा है. कुछ समय पहले पेंगुइन ने हिन्द पॉकेट बुक्स को खरीद लिया था. अब खबर आई है कि राजकमल प्रकाशन समूह ने हिंदी के चार प्रकाशनों को पुनर्जीवित करने के लिए …

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