Recent Posts

प्रज्ञा पांडे की कहानी ‘सती का चौरा’

प्रज्ञा पांडे की कहानी ‘सती का चौरा’ की आज फ़ेसबुक पर चर्चा देखी तो सोचा पढ़ाया जाए। काफ़ी बहस की माँग करती कहानी है- मॉडरेटर सती  का चौरा                नई नई आगता के वे हाथ अपनी कुशल गति में कुछ गढ़ रहे थे.नीले आसमान पर उड़ते परिंदे …

Read More »

रूसी भाषा के लेखक सिर्गेइ नोसव की कहानी ‘अच्छी चीज़’

 सिर्गेइ नोसव की इस कहानी का अनुवाद किया है रूसी भाषा की विदुषी प्रोफ़ेसर और अनुवादिक आ. चारुमति रामदास  ने- मॉडरेटर =============== अच्छी चीज़ लेखक: सिर्गेइ नोसव अनुवाद : आ. चारुमति रामदास   “ ये बड़ी देर चलेगा,” पेत्या ने कहा. “ऐह, उनका ट्रैफ़िक सिग्नल भी काम नहीं कर रहा …

Read More »

राष्ट्रवाद और सामंतवाद के मध्य पिसता किसान और ‘अवध का किसान विद्रोह’

राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित सुभाष चंद्र कुशवाहा की किताब ‘अवध का किसान विद्रोह’ पर यह टिप्पणी प्रवीण झा ने लिखी है। प्रवीण झा की पुस्तक ‘कूली लाइंस’ आजकल ख़ासी चर्चा में है- मॉडरेटर ======================= राष्ट्रवाद और सामंतवाद के मध्य पिसता किसान। सुभाष चंद्र कुशवाहा जी की पुस्तक ‘अवध का किसान …

Read More »