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निधि अग्रवाल की कहानी ‘सड़क पार की खिड़कियाँ’

निधि अग्रवाल पेशे से चिकित्सक हैं और बहुत अच्छी गद्यकार हैं। मैत्रेयी देवी के उपन्यास ‘न हन्यते’ पर उनका लिखा पाठकों को याद होगा। यह कहानी है जो सम्मोहक भाषा में अपने साथ बहाए ले जाती है। पढ़िएगा- ====================== ज्यों दुनिया के अधिकतर देशों में सेकंड स्ट्रीट होती है, ज्यों …

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हंस प्रकाशन राजकमल प्रकाशन परिवार का हिस्सा बना

प्रेमचंद के पुत्र अमृत राय द्वारा 1948 में स्थापित हंस प्रकाशन आज से राजकमल प्रकाशन समूह का हिस्सा हो गया है। प्रेमचंद की जयंती के दिन की यह उल्लेखनीय घटना है। हंस प्रकाशन का ऐतिहासिक महत्व रहा है और इसकी अपनी समृद्ध विरासत है। आशा है अब हम नए सिरे …

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प्रेमचंद का पत्र जयशंकर प्रसाद के नाम

  आज प्रेमचंद की जयंती पर उनका यह पत्र पढ़िए जयशंकर प्रसाद के नाम है। उन दिनों प्रेमचंद मुंबई में थे और फ़िल्मों के लिए लेखन कर रहे थे- =======================   अजंता सिनेटोन लि. बम्बई-12 1-10-1934   प्रिय भाई साहब, वन्दे! मैं कुशल से हूँ और आशा करता हूँ आप …

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