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प्रज्ञा की कहानी ‘बुरा आदमी’

प्रज्ञा समकालीन कहानी का जाना-माना नाम हैं। आज उनकी कहानी ‘बुरा आदमी’ पढ़िए। यह कहानी ‘पहल’ पत्रिका के कहानी विशेषांक में प्रकाशित हुई थी। आप यहाँ पढ़ सकते हैं।      आज मैंने ठान लिया था टूटेजा सर शाम के समय कोई चक्कर लगवाएंगे तो साफ इंकार कर दूंगा। कई दिन …

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सोशल मीडिया ने लेखन को एक अभिनय, परफॉर्मेंस में बदल दिया है: आशुतोष भारद्वाज

आज हिंदी आलोचना के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित देवीशंकर अवस्थी सम्मान युवा लेखक-आलोचक आशुतोष भारद्वाज को दिया जा रहा है। यह पुरस्कार समारोह वर्चुअल दिया जाएगा। इस अवसर पर जानकी पुल ने आशुतोष से बातचीत की है। मेरे प्रश्नों के बहुत मानीखेज जवाब आशुतोष भारद्वाज ने दिए हैं। आप …

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    पहले दलित क्रिकेटर पी. बालू, जिन्होंने भद्रजनों के बीच साबित की अपनी प्रतिभा

युवा शोधकर्ता सुरेश कुमार ने माधुरी पत्रिका में 1928 में प्रकाशित एक लेख के हवाले से पहले दलित क्रिकेटर पी बालू पर यह लेख लिखा है। आप भी पढ़िए उस महान खिलाड़ी के बारे में जो तब का खिलाड़ी था जब भारतीय क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली थी- ============== इसमें …

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