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लथपथ सहानुभूति का प्रतिपक्ष:  रवीन्द्र कालिया की कहानियाँ

अभी हाल में ही अपने यादगार विशेषांकों के लिए जानी जाने वाली पत्रिका ‘बनास जन’ का नया अंक आया है प्रसिद्ध लेखक-सम्पादक रवीन्द्र कालिया पर। इस अंक में कालिया जी की कहानियों पर दुर्लभ लेखक हिमांशु पण्ड्या एक पठनीय लेख आया है। आपकी नज़र है- मॉडरेटर ============= ‘चाल’ कहानी में …

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जापानी लोक कथा ‘अमरता के इच्छुक सेंटारो की कथा’

अपने पहले ही कहानी संकलन ‘जापानी सराय’ से प्रभावित करने वाली युवा लेखिका अनुकृति उपाध्याय ने इस जापानी लोककथा का बहुत ही पठनीय और प्रवाहपूर्ण अनुवाद किया है- मॉडरेटर ============================== तो साहिबान, ये कहानी है पुराने जापान की, इसमें बातें हैं ज़मीन आसमान की, ज़िंदगी और मौत के सामान की। …

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अख्तरी:हमें इल्म ही न हो कि हमने संगीत सीख लिया!

यतीन्द्र मिश्र लिखित-सम्पादित किताब ‘अख्तरी: सोज़ और साज का अफ़साना’ किताब पर संगीत पर रसदार लेखन करने वाले और इन दिनों अपनी किताब ‘कुली लाइंस’ के उत्सुकता जगाने वाले लेखक प्रवीण कुमार झा की टिप्पणी पढ़िए- मॉडरेटर ===================================== हालिया एक संगीत चर्चा में बात हुई कि भारत में संगीत–लेखन का …

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