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प्रदीपिका सारस्वत की कहानी ‘इनफ़िडल’

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत के लेखन की कैफ़ियत बहुत अलग है। उलझी हुई गुत्थी की तरह। फ़िलहाल उनकी एक कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ===== इनफ़िडल अगर ये कहानी, ‘एक लड़की थी’ से शुरू होगी तो क्या आप इसे पढ़ैंगे? शायद हाँ, शायद नहीं. पर ये कहानी एक लड़की थी से ही …

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पंकज कौरव की कविता ‘फ़िल्म इंडस्ट्री के लौंडे’

युवा लेखक पंकज कौरव अपनी हर रचना से कुछ चौंका देते हैं। अब यही कविता देखिए- मॉडरेटर ============================ वे एक्टर बनने नहीं आए थे पर अभिनेता वाली सारी ठसक उनमें कूट कूट कर भरी थी वे स्टाइल में खड़े होते अदा के साथ अपनी हर बात रखते और बची हुई …

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नूर ज़हीर की कहानी ‘अब भी कभी कभार’

वरिष्ठ लेखिका नूर ज़हीर के लेखन के बारे में कुछ लिखना कम ही होगा। हिंदी-अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में अपने उपन्यासों, कहानियों, संस्मरणों के कारण वे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जानी जाती हैं। यह उनकी नई कहानी है- मॉडरेटर ===================== चिट्ठी हाथ में थी, माँ के हाथ का लिखी हुई, शक की …

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