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‘रंगभूमि’ का रंग और उसकी भूमि

प्रेमचंद का साहित्य जब से कॉपीराईट मुक्त हुआ है तब से उनकी कहानियों-उपन्यासों के इतने प्रकाशनों से इतने आकार-प्रकार के संस्करण छपे हैं कि कौन सा पाठ सही है कौन सा गलत इसको तय कर पाना मुश्किल हो गया है. बहरहाल, मुझे उनका सबसे प्रासंगिक उपन्यास ‘रंगभूमि’ लगता है. इतना …

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प्रदीपिका सारस्वत की कहानी ‘तन तंबूरा तार मन’

प्रदीपिका सारस्वत सुपरिचित लेखिका हैं. वेबसाइट्स पर बहुत अलग तरह की स्टोरीज करती हैं. कविताएँ लिखती हैं, यह उनकी एक छोटी सी कहानी है समुद्र के पानी की तरह अपने साथ बहाकर ले जाने वाली- मॉडरेटर ===================== कभी देखा है किनारे की रेत को? उस पर से जब पानी लौट …

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महात्मा से गांधी तक

आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है. एक समाचारपत्र के लिए महात्मा गांधी की समकालीन छवियों पर लिखा था. आज उनकी स्मृति में समय हो तो पढ़कर बताइयेगा- प्रभात रंजन ========================================= असगर वजाहत के नाटक गोडसे@गांधी.कॉम में नवीन नामक एक विद्यार्थी गांधी जी के पास आता है। गांधी जी उससे पूछते …

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