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ऐतिहासिक तथ्यों को नज़रअंदाज़ करने वाली इतिहास-दृष्टि

पंकज पराशर के शोधपूर्ण लेखों को हम पढ़ते रहे हैं, सराहते रहे हैं। यह उनका नया शोध है। पढ़कर बताइएगा- ========================== मेरी सुबह प्रायः ध्रुपद या ख़याल सुनते हुए शुरू होती है, लेकिन आज की सुबह उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री देखते हुए शुरू हुई. यह देखकर थोड़ा …

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अमित गुप्ता का व्यंग्य ‘दाढ़ी क्यों बढ़ा रहे हो?’

आज पढ़िए युवा लेखक-कवि अमित गुप्ता का व्यंग्य, जो बढ़ती महंगाई पर है- ========================================  घड़ी के अलार्म ने सुबह-सुबह ऐसा हल्ला मचाया कि जैसे वो मेज से अभी-अभी उछलकर अपनी छूटती हुई ट्रेन को पकड़ने के लिए दौड़ पड़ेगा। माधव भकुआया हुआ उठा और जैसे-तैसे कर अलार्म बंद किया, सोचा …

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आलोक कुमार मिश्रा की कहानी ‘दो चुटकी नमक’

आज युवा लेखक आलोक कुमार मिश्रा की कहानी पढ़िए। महामारी की पृष्ठभूमि में एक मार्मिक कहानी- ===================================== “अरे साब, जरा सुनो तो। दो चुटकी नमक डाल दो इस डिबिया में…खुदा जाने ज़ुबान क्यों उतरी हुई है…खाना बेस्वाद और फीका सा लगे है।” एक दुबले-पतले, मेहंदी लगी लाल दाढ़ी वाले लगभग …

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