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योगिता यादव की कहानी “स्मृति की अधूरी ‘रेखा’”

आज योगिता यादव की कहानी। समकालीन कथाकारों में सुपरिचित नाम योगिता यादव का नया कथा संग्रह भारतीय ज्ञानपीठ से आया है ‘ग़लत पते की चिट्ठियाँ’। उसी संग्रह से यह कहानी- मॉडरेटर ======== स्मृति की अधूरी ‘रेखा’ क्लास में बाकी सभी बच्चे शर्मा, वर्मा, मल्होत्रा, उत्पल, मुखर्जी, महामना वगैरह थे, लेकिन …

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कमला दत्त की कहानी ‘बँटवारा’

कमला दत्त ने 1970-80 के दशक में कहानियाँ लिखीं, जो धर्मयुग, सारिका, कहानी, हंस जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई। बाद में अमेरिका में चिकित्सा विज्ञान पढ़ाने लगी। लम्बे समय तक नहीं लिखा। अब फिर से उन्होंने हिंदी में लिखना आरम्भ किया है। यह उनकी नई कहानी है- मॉडरेटर ================= उस …

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अरविंद दास का लेख ‘शाहीन बाग़ की औरतें’

दिल्ली का शाहीन बाग़ एक प्रतीक बन चुका है स्त्री संघर्ष का। इसी पर युवा पत्रकार-लेखक अरविंद दास का लेख पढ़िए- मॉडरेटर ============= मशहूर शायर निदा फाजली का एक शेर है-हर आदमी में होते हैं दस-बीस आदमी, जिसको भी देखना हो कई बार देखना. ठीक इसी तरह एक शहर में …

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