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रंगीन शीशे से दुनिया को देखना: आर के लक्ष्मण

2015 में ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में महान कार्टूनिस्ट आर. के. लक्ष्मण की आत्मकथा ‘द टनेल ऑफ़ टाइम’ का एक अंश प्रकाशित हुआ है. अनुवाद मैंने ही किया था- प्रभात रंजन  ======================================= और इस तरह मैं बगीचे में भटकता रहता था, वह बहुत बड़ा था, वहां कम उम्र के लड़कों के लिए …

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शैलजा पाठक की कविताएं

आज शैलजा पाठक की कविताएं. शैलजा पाठक  की कविताओं में विस्थापन की अन्तर्निहित पीड़ा है. छूटे हुए गाँव, सिवान, अपने-पराये, बोली-ठोली. एक ख़ास तरह की करुणा. आप भी पढ़िए- मॉडरेटर  =========================================================== 1    1.   इतनी सी ख़ुशी     हमने कब कहा बो देना मुझे अपने मन की जमीन पर  हमने …

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भोजपुरी फिल्मों का सफरनामा एक किताब में

भोजपुरी सिनेमा के ऊपर एक किताब आई है जिसके लेखक है रविराज पटेल. रविराज पटेल से एक बातचीत की है सैयद एस. तौहीद ने- मॉडरेटर  ================================ भोजपुरी फिल्मों का इतिहास यूं तो पचास बरसों से अधिक का होने को आया लेकिन उसके दस्तावेजीकरण का काम कम हुआ . हालिया में …

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