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‘रॉय’ ने मेरे भीतर के ज्ञान-चक्षु खोल दिए हैं!

फिल्म ‘रॉय’ की आपने कई समीक्षाएं पढ़ी होंगी. यह समीक्षा लिखी है हिंदी की जानी-मानी लेखिका अनु सिंह चौधरी ने. जरूर पढ़िए. इस फिल्म को देखने के लिए नहीं, क्यों नहीं देखना चाहिए यह जानने के लिए- मॉडरेटर. ============= इस ‘रॉय‘ ने मेरे भीतर के ज्ञान-चक्षु खोल दिए हैं। फिल्म …

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तुलसी राम की मणिकर्णिका का एक यादगार अंश

आज तुलसी राम जी का निधन हो गया. वे हिंदी के उन महान लेखकों में थे जिन्होंने आत्मकथा की विधा को उसके शिखर पर पहुंचा दिया. इसे मेरी कमअक्ली समझी जाए तब भी मैं यह कहने से नहीं हिचकूंगा कि उनकी आत्मकथा ‘मणिकर्णिका’ हिंदी की सर्वश्रेष्ठ आत्मकथा है. हिंदी के …

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क्या यह हिंदी प्रकाशन जगत में ‘ब्रांड वार’ की शुरुआत है?

इस बार विश्व पुस्तक मेले की शुरुआत वेलेन्टाइन डे के दिन हो रही है और हिंदी के दो बड़े प्रकाशकों में इश्क को लेकर ‘ब्रांड वार’ की शुरुआत हो गई है. पहली किताब है राजकमल प्रकाशन के नए इंप्रिंट ‘सार्थक’ से प्रकाशित ‘इश्क में शहर होना’, जिसके लेखक हैं जाने …

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