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महाकरोड़ फिल्मों की बोरियत से निकलना है तो देखिए ‘जेड प्लस’

एक के बाद एक आती महाकरोड़ फ़िल्में मनोरंजन कम बोर अधिक करती हैं. ऐसे में ताजा हवा के झोंके की तरह है रामकुमार सिंह लिखित और चंद्रप्रकाश द्विवेदी निर्देशित फिल्म ‘जेड प्लस’. फिल्म की कहानी जानदार है और पहली बार चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने भी अपने संघी सांचे से बाहर निकल …

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शीन काफ निजाम की ग़ज़लें

लोकमत समाचार के वार्षिक आयोजन ‘दीप भव’ में वैसे तो सभी रचनाएँ अपने आप में ख़ास हैं. लेकिन पहले शीन काफ निजाम साहब की ग़ज़लें पढ़िए, जो इस अंक की एक नायाब पेशकश है- मॉडरेटर  1. सफ़र में भी सहूलत चाहती है मुहब्बत अब मुरव्वत चाहती है तुम्हारा शौक है, …

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सिनेमा में करुण रस क्या होता है?

युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर इन दिनों रस सिद्धांत के आधार पर विश्व सिनेमा के अध्ययन में लगे हैं. उनका यह लेख इस बात को लेकर है कि करुण रस दुनिया भर की फिल्मों में किस तरह अभिव्यक्त हुआ है. अंतर्पाठीयता का एक बेजोड़ उदाहरण- मॉडरेटर. ====================================== इस लेखमाला में अब …

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