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स्याह दौलत(काला धन) और उम्मीद के अनुलोम-विलोम

लोकसभा चुनावों से पहले काला धन वापस लाने का ऐसा शोर था कि कई लोग तो सपने देखने लगे कि उनके बैंक खातों में 3 से 15 लाख तक रुपये आ जायेंगे. बड़े बड़े मंसूबे बंधे जाने लगे. मियां बुकरात, बटेशर, खदेरू भी कुछ ऐसी उलझनों में खोये हैं सदफ नाज़ …

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कविता भाषा में अपने होने की जद्दोजहद की पहचान है!

सविता सिंह की कविताओं का हिंदी में अपना अलग मुकाम है. उनकी कविताओं में गहरी बौद्धिकता को अलग से लक्षित किया जा सकती है. अपनी कविताओं को लेकर, अपने कविता कर्म को लेकर, स्त्री कविता को लेकर उनका यह जरूरी लेख पढ़ा तो मन हुआ कि साझा किया जाए आपसे- …

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‘हैदर’ नहीं देखा तो देख आइए

‘हैदर’ के आये दो हफ्ते हो गए. अभी भी मल्टीप्लेक्स में उसे देखने के लिए लोग जुट रहे हैं. अभी भी लोग उसे देख देख कर उसके ऊपर लिख रहे हैं. युवा फिल्म पत्रकार सैयद एस. तौहीद ने देर से ही सही लेकिन ‘हैदर’ पर सम्यक टिप्पणी की है. आप …

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