Recent Posts

‘हैदर’ देखिए, बशारत पीर की किताब पढ़िए

मेरे हमनाम हैं प्रभात रंजन. कल उन्होंने ‘तहलका’ में लिखी शुभम उपाध्याय की लिखी हैदर फिल्म की समीक्षा साझा की. लिखने का अंदाज अच्छा लगा तो साझा कर रहा हूँ- प्रभात रंजन =========================================================== ‘हैदर’ गोल-गोल कंटीली बाड़ों से हर तरफ लिपटा हुआ एक इंद्रधनुष है. वे कंटीले तार जो उन शहरों …

Read More »

लुक छिप बदरा में चमके जैसे चनवा…

जाने माने रंगकर्मी, कथाकार, लोक कलाओं के माहिर विद्वान हृषिकेश सुलभ का यह षष्ठी योग का वर्ष है, इसलिए जानकी पुल पर हम समय समय पर उनकी रचनाएँ, उनके रचनाकर्म से जुड़ी सामग्री देते रहेंगे. आज प्रस्तुत है एक बातचीत जो की है मुन्ना कुमार पाण्डे और अमितेश कुमार ने- …

Read More »

ख्वाजा अहमद अब्बास की पटकथा और ‘नीचा नगर’

करीब 60 साल पहले बनी चेतन आनंद की फिल्म ‘नीचा नगर’ हिंदी सिनेमा में सामाजिक यथार्थ को प्रस्तुत करने वाली आरंभिक फिल्मों में थी. जिसकी पटकथा लिखी थी ख्वाजा अहमद अब्बास ने. ख्वाजा अहमद अब्बास की जन्म शताब्दी पर सैयद एस. तौहीद की पेशकश- मॉडरेटर. ============================================= विश्व सिनेमा से प्रेरणा …

Read More »