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जीवन से मिलती-जुलती, विधाओं में घुली-मिली कहानियाँ

युवा लेखिका सोनाली सिंह के कहानी संग्रह ‘क्यूटीपाई’ पर यह सारगर्भित टिप्पणी की है नवीन रमण ने. पढ़कर मुझे लगा कि अब इस संग्रह की कहानियों को पढ़ ही लेना चाहिए. अच्छी समीक्षा यही काम करती है. किसी अप्रासंगिक किताब को भी प्रासंगिक बना देती है- मॉडरेटर. ========================================================       …

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शिरीष कुमार मौर्य की कुछ नई कविताएं

मेरे समकालीन कई कवि हैं जो बहुत अच्छा लिख रहे हैं. लेकिन कुछ कवि ऐसे हैं जिनमें मुझे अपनी आवाज सुनाई देती है. जिनकी सहज कविताई आकर्षित करती है. शिरीष कुमार मौर्य ऐसे ही एक कवि हैं. आज उनकी कुछ नई कविताएं- मॉडरेटर. =================================== फिर अंधेरे में मुझे कुछ समय …

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वह उजली मीनार अब बस हमारी स्मृतियों में रह गई है

आर. अनुराधा की जिजीविषा, उनके जीवन संघर्ष को बड़ी आत्मीयता के साथ याद किया है प्रियदर्शन ने. आज ‘जनसत्ता’ में आया है. साझा कर रहा हूँ- मॉडरेटर ==================================== बिखर गया वह इंद्रधनुष वे 18 साल से मृत्यु की छाया से जूझ रही थीं। या कहना चाहिए, मृत्यु की छाया उनसे 18 …

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