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जेहन के जहान में

पेशे से प्राध्यापिका सुनीता एक संवेदनशील कवयित्री हैं. कुछ सोचती हुई, कुछ कहती हुई उनकी कविताओं का अपना मिजाज है. उनकी कुछ चुनी हुई कवितायेँ- जानकी पुल. ==================================================  जेहन जेहन के जहान में खोने-पाने के अतिरिक्त ‘दौलत की डिबिया’ जैसा कुछ है! हाँ, उत्तर–दक्खिन और पूरब–पश्चिम जैसा कुछ नहीं है। अगर …

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दौलत सिंह कोठारी को क्यों याद किया जाना चाहिए?

भाषा के मसले पर वर्ष 2013 की शुरूआत बड़ी विस्‍फोटक रही। कोठारी कमेटी की सिफारिशों के अनुसार वर्ष 1979 से चली आ रही सिविल सेवा परीक्षा में भारतीय भाषाओं को इस वर्ष के शुरू में लगभग बाहर का रास्‍ता दिखा दिया था । तसल्‍ली की बात यह है कि इस …

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दुष्यंत की कहानी ‘उलटी वाकी धार’

हाल में ही युवा लेखक दुष्यंत का कहानी संग्रह पेंगुइन से आया है ‘जुलाई की एक रात’. समकालीन जीवन के स्नैप शॉट्स की तरह कहानियां लिखने वाले इस प्रतिभाशाली लेखक की एक कहानी उसी संग्रह से- मॉडरेटर. ======== दिन के दो बजकर दस मिनट, लंच खत्म होने के तुरंत बाद का …

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