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लिखना एक आत्मघाती पेशा है

क्यों लिखता हूँ?… जाने क्यों इस सोच के साथ मुझे मुझे अक्सर नवगीतकार रामचंद्र चंद्रभूषण याद आते हैं. डुमरा कोर्ट, सीतामढ़ी के रामचंद्र प्रसाद जो नवगीतकार रामचंद्र चंद्रभूषण के नाम से नवगीत लिखते थे. जब ‘तार सप्तक की तर्ज़ पर शम्भुनाथ सिंह के संपादन में नवगीतकारों का संकलन ‘नवगीत दशक’ …

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सिनेमा में हिंदी प्रदेशों को अपराध के पर्याय के रूप में ही क्यों दर्शाया जाता है?

प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम ने अपने इस लेख में यह दिखाया है कि किस तरह हिंदी सिनेमा में पंजाब को प्रेम के पर्याय के रूप में दर्शाया जाता है, जबकि सारे अपराधी हिंदी प्रदेशों के ही होते हैं. दुर्भाग्य से हिंदी प्रदेशों से आने वाला फिल्मकार भी इसी रूढ़ि …

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न मैं काठ की गुड़िया बनना चाहती हूँ न मोम की

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है. इस अवसर पर प्रस्तुत हैं आभा बोधिसत्व की कविताएँ- जानकी पुल. मैं स्त्री मेरे पास आर या पार के रास्ते नहीं बचे हैं बचा है तो सिर्फ समझौते का रास्ता. जहाँ बचाया जा सके किसी भी कीमत पर, घर, समाज न कि सिर्फ अपनी बात। …

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