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चलो हम दीया बन जाते हैं और तुम बाती

आज आभा बोधिसत्व की कविताएँ. यह कहना एक सामान्य सी बात होगी कि आभाजी की कविताओं में स्त्री मन की भावनाएं हैं, स्त्री होने के सामाजिक अनुभवों की तीव्रता है. सबसे बढ़कर उनकी कविताओं में आत्मीयता का सूक्ष्म स्पर्श है और लोक की बोली-बानी का ठाठ, जो उनकी कविताओं को …

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उनसे ज़रूर मिलना सलीके के लोग हैं

असगर वजाहत पारंपरिक किस्सागोई के आधुनिक लेखक हैं. उनके उपन्यासों, नाटकों, संस्मरणों सबका एक निराला अंदाज़ है. उनसे जुड़े कुछ निजी अनुभव आज आपसे साझा कर रहा हूँ- प्रभात रंजन       असगर वजाहत पहली मुलाकात में आपको बहुत अपने-अपने से लगते हैं. मुझे याद है पहली मुलाकात में ही उन्होंने …

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दिल्ली के पत्रहीन जंगल में

भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित कवि जितेन्द्र श्रीवास्तव समकालीन कविता का एक महत्वपूर्ण नाम है. उनकी कविताओं में विस्थापन की पीड़ा है, मनुष्य के अकेले पड़ते जाने की नियति का दंश. अभी हाल में ही उनका नया कविता संग्रह आया है ‘इन दिनों हालचाल’ और साथ ही, प्रेम कविताओं का …

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