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मार्केज़ जीवन-प्रसंग: पत्रकारिता से सीखे लेखन के गुर

मार्केज़ ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि वास्तव में पत्रकारिता और उपन्यास एक माँ की ही संतानें हैं। अपनी एक बातचीत में उन्होंने कहा था कि केवल एक तथ्य पत्रकारिता को संदिग्ध बना देता है जबकि कहानी-उपन्यास में अगर कोई एक तथ्य सही हो जाए तो वह पूरी कृति …

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बोरिस पास्तरनाक की कविताएँ धर्मवीर भारती के अनुवाद में

रूसी कवि-लेखक बोरिस पास्तरनाक की मृत्यु के ५० साल हो गए. उनको नोबेल पुरस्कार मिला था. कविता के अलावा उन्होंने डॉक्टर जिवागो जैसा उपन्यास लिखा. उनकी दो कविताएँ यहाँ प्रस्तुत हैं. अनुवाद धर्मवीर भारती का है, जो विश्व कविता के उनके संचयन ‘देशांतर’ में संकलित है- जानकी पुल   1. …

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पाकिस्तानी अंग्रेजी साहित्य का बढ़ता रुतबा और बाज़ार

बीसवीं शताब्दी का अस्सी का दशक भारतीय अंग्रेजी उपन्यासों के लिए टर्निंग पॉइंट का दशक माना जाता है. सलमान रुश्दी को बुकर पुरस्कार मिलने के बाद अचानक भारतीय अंग्रेजी लेखक परिदृश्य पर छाने लगे. विक्रम सेठ, अमिताव घोष के लेखन की धमक साहित्यिक हलकों में ही नहीं बाज़ार में भी …

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