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हिन्दी फिल्मों का सौंदर्यशास्त्र

आइआइटी-पलट युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर अक्सर अपने सिनेमा ज्ञान से चमत्कृत कर देते हैं. हिंदी में में सिनेमा पर लिखने वाले विद्वानों में मेरे जानते सबसे मौलिक प्रतिभा ब्रजेश्वर मदान में थी, फिर नेत्र सिंह रावत थे. विष्णु खरे और विनोद भारद्वाज मेरे लिहाज से उस सूची में बहुत नीचे …

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क्या ‘आलोचना’ नई चाल में ढलेगी?

बदलाव हमेशा नई उम्मीदों को लेकर आता है. ‘आलोचना’ पत्रिका के नए संपादक के रूप में अपूर्वानंद का नाम सुनकर उम्मीद जगी है. अब यह खबर पक्की है कि ‘आलोचना’ पत्रिका के 53वें अंक से उसके संपादन का दायित्व श्री अपूर्वानंद संभालेंगे. यह उम्मीद तब भी जगी थी जब 8-9 …

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पीयूष दईया की तीन कविताएं

पीयूष दईया समकालीन कविता में सबसे अलग आवाज रखते हैं. सफलता-असफलता के मुहावरों से दूर. उनकी कविताओं को पढना जीवन को कुछ और करीब से जानना होता है. उनकी तीन नई कविताएं आपके लिए- प्रभात रंजन ======================= कभी खेलो मत यही खेल है 1।। क़ातिल स्त्रियों से छल करना सीखना …

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