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और हँसी निष्कासित है अपने समय से

वरिष्ठ पत्रकार-लेखिका गीताश्री इन दिनों ‘कविया’ गई हैं. पिछले कुछ सालों में कुछ(सारी नहीं) अच्छी कहानियां लिखने के बाद उन्होंने अभिव्यक्ति का खतरा कविता में उठाया है. अब देखिये न क्या तासीर है इन कविताओं की कि जबसे इनको जानकी पुल पर लगाने के बारे में सोचा है रात से …

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भूमंडलोत्तर कथा पीढ़ी : प्रस्थान और विकास

 युवा लेखक राकेश बिहारी का यह लेख समकालीन युवा कहानी को एक व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने की मांग करता है. उस मुहावरे को विस्तार से समझने की अपेक्षा रखता है. यह लेख उनकी सद्य प्रकाशित पुस्तक ‘केंद्र में कहानी’ में संकलित है. लेख पर बहस आमंत्रित है- जानकी पुल. =========================================================== …

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अब वापस कुछ साहित्योत्सव की बात

आज जयपुर साहित्योत्सव पर जनसत्ता संपादक ओम थानवी ने बहुत संतुलित ढंग से लिखा और बेहद विस्तार से उसके प्रभावों, उसकी सीमाओं का आकलन भी किया है. विवादों के घटाटोप के पीछे उसके सार्थक हस्तक्षेप की चर्चा दब कर रह गई, उसके कुछ पूर्वाग्रहों-दुराग्रहों की चर्चा पीछे रह गई. सब …

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