Recent Posts

कृष्ण बलदेव वैद का कथा आलोक

लगभग ८५ साल की उम्र में हिंदी के प्रख्यात कथाकार-उपन्यासकार कृष्ण बलदेव वैद की कहानियों की दो सुन्दर किताबों का एक साथ आना सुखद कहा जा सकता है. सुखद इसलिए भी क्योंकि इनमें से एक ‘खाली किताब का जादू’ उनकी नई कहानियों का संकलन है. दूसरा संकलन है ‘प्रवास गंगा’, …

Read More »

लेखक ‘पेपर बीइंग’ होता है

आज प्रसिद्ध लेखक उदयप्रकाश को भारतीय भाषा परिषद की ओर से ज्ञान-समग्र पुरस्कार मिलने वाला है. भारतीय भाषाओं के अनेक प्रसिद्द लेखकों को यह पुरस्कार मिल रहा है, जिनमें केदारनाथ सिंह, गोपीचंद नारंग, एम.टी.वासुदेवन नायर, इंदिरा गोस्वामी, अरुण साधू, जया गोस्वामी जैसे लेखक शामिल हैं. इस अवसर पर हम उदयजी …

Read More »

शहरयार जैसा शायर किसी अवार्ड से बड़ा होता है

हिंदी के प्रसिद्ध लेखक असगर वजाहत का शहरयार से अलीगढ़ विश्वविद्यालय के दिनों से गहरा जुड़ाव रहा है. जब शहरयार को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला तो उन्होंने यह संस्मरण उनके ऊपर लिखा. ‘प्रगतिशील वसुधा’ पत्रिका में प्रकाशित यह संस्मरण इतना रोचक लगा कि सोचा शहरयार के चाहनेवालों से उसे साझा किया …

Read More »