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वाम के समक्ष साख का संकट है या फिर नेतृत्व का?

लेखक-पत्रकार अनंत विजय का यह पत्र कल ‘जनसत्ता’ में छपा था. सीपीएम के महासचिव प्रकाश करात के नाम. वाम राजनीति के सिमटते जाने, उसके अंतर्विरोधों को लेकर लेखक ने कई गंभीर सवाल उठाये हैं. जिन्होंने न पढ़ा हो उनके लिए- जानकी पुल. ============================= आदरणीय प्रकाश करात जी,  लोकसभा की आधी …

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वी एस नायपाल के उपन्यास ‘गुरिल्लाज’ का पाठ

हाल में वी.एस. नायपॉल के कई उपन्यासों के हिंदी अनुवाद पेंगुइन से छपकर आये, जिनमें उनका एक महत्वपूर्ण उपन्यास ‘गुरिल्लाज’ भी है. आज इस उपन्यास पर लेखिका सरिता शर्मा ने लिखा है. एक पढने लायक लेख- जानकी पुल. ========================       सर विद्याधर सूरज प्रसाद नायपाल रवींद्र नाथ टैगोर के …

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बदलते दौर की रूढ़ियों की पहचान

हिंदी प्रकाशन जगत की समस्त घटनाएं दिल्ली में ही नहीं होती हैं. कुछ अच्छी पुस्तकें केंद्र से दूर परिधि से भी छपती हैं. ऐसी ही एक पुस्तक ‘देह धरे को दंड’ की समीक्षा युवा लेखक हरेप्रकाश उपाध्याय ने की है. पुस्तक की लेखिका हैं प्रीति चौधरी. प्रकाशक हैं साहित्य भण्डार, …

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