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जो ‘कूल’ होते हैं वे हिंदी के नॉवेल नहीं पढ़ते

चेतन भगत इस समय भारत में अंग्रेजी के निस्संदेह सबसे ‘लोकप्रिय’ लेखक हैं. सबसे बिकाऊ भी. जो बोल देते हैं वही चर्चा का सबब बन जाता है. पिछले दिनों उनका एक बयान मुझे भी अच्छा लगा था. उन्होंने इन्फोसिस के नारायणमूर्ति को ‘बॉडीशॉपिंग’ करने वाला करार दिया था. नारायणमूर्ति ने …

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विनम्र कवि को नोबेल

कवि-संपादक गिरिराज किराडू ने यह लेख टोमास ट्रांसट्रोमर की कविता और उनको मिले नोबेल सम्मान पर लिखा है. यह छोटा-सा लेख न केवल ट्रांसट्रोमर की कविता को समझने में हमारी मदद  करती है बल्कि नोबेल की पोलिटिक्स की ओर भी संकेत करती है. बेहद पठनीय लेकिन विद्वत्तापूर्ण लेख- जानकी पुल.  …

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नारी का मन और उसकी कलम

कवयित्री, संगीतविद वंदना शुक्ला ने स्त्री-लेखन को एक अलग ही नज़रिए से देखा है. मन और कलम के द्वंद्व के रूप में. स्त्री-लेखन के इतिहास पर एक विहंगम दृष्टि. कई महत्वपूर्ण सवाल उठाने वाला एक महत्वपूर्ण लेख- जानकी पुल. नैतिक शिक्षा या नागरिक शास्त्र (सिविक्स) विषय में कुछ वाक्य पढाए …

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