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नेमिचंद्र जैन स्मरण

आज कवि–आलोचक–नाट्य–विशेषज्ञ नेमिचंद्र जैन की ९१वीं जयन्ती है. तार सप्तक के इस कवि ने साहित्य की अनेक विधाओं में सिद्धहस्तता से लेखन किया, नाट्यालोचन की संभावनाओं का विस्तार किया. लेकिन किसी तरह की होड़ की पंक्तिबद्धता में वे नहीं पड़े, उन्होंने विनम्रता की करबद्धता को अपनाया, वे मूलतः कवि थे …

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बेशर्म समय की शर्म

बीते ९ अगस्त को मनोहर श्याम जोशीजी का जन्मदिन था इसलिए उनकी ही एक बात हाल की घटनाओं के सन्दर्भ में विशेष तौर पर याद आ रही है. अपनी मृत्यु से कुछ दिन पहले बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था हम ऐसे बेशर्म समय में रह रहे …

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मैं दीवार के साथ खड़ा नहीं हो सकता

हारुकी मुराकामी प्रमुख समकालीन उत्तर-आधुनिक उपन्यासकारों में गिने जाते हैं. वाइल्ड शिप चेज़, काफ्का ऑन द शोर जैसे चर्चित उपन्यासों के इस जापानी लेखक के एक भाषण का अनुवाद प्रसिद्ध लेखक-पत्रकार प्रियदर्शन ने किया है. एक ज़माने में सलमान रुश्दी के प्रसिद्ध उपन्यास मिडनाइट्स चिल्ड्रेन के अनुवाद से चर्चा में …

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