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हमारा प्रेम और प्रथम विश्वयुद्ध

प्रसिद्ध लेखिका मैत्रेयी पुष्प की पुस्तक आई है किताबघर से ‘तब्दील निगाहें‘, जिसमें उन्होंने कुछ प्रसिद्ध रचनाओं के स्त्रीवादी पाठ किए हैं. ‘उसने कहा था’ कहानी की नायिका सूबेदारनी के मन के उहापोहों को लेकर यह एक दिलचस्प पाठ है. पढ़ा तो आपसे साझा करने का मन हुआ- प्रभात रंजन …

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कि सब कुछ छोड़कर जाना पड़ेगा!!

बांग्ला भाषा के प्रसिद्ध लेखक सुनील गंगोपाध्याय का निधन हो गया. अनेक विधाओं में २०० के करीब पुस्तकें लिखने वाले इस लेखक का पहला प्यार कविता थी. उनको श्रद्धांजलि स्वरुप प्रस्तुत हैं उनकी कुछ कविताएँ- जानकी पुल. ============================= १. ओ इक्कीसवीं सदी के मनुष्य! ओ इक्कीसवीं सदी के मनुष्य!तुम्हारे लिए …

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बुकर पुरस्कार प्राप्त ‘ब्रिंग अप द बॉडीज’ का एक अंश हिंदी में

इस साल मैन बुकर पुरस्कार हिलेरी मैंटल को उनके उपन्यास ‘ब्रिंग अप द बॉडीज’ पर मिला है. यह एक ऐतिहासिक उपन्यास है. इससे पहले उनको ऐतिहासिक उपन्यास ‘वोल्फ हॉल’ के लिए २००९ में बुकर मिल चुका है. ‘ब्रिंग अप द बॉडीज’ उसी उपन्यास का सीक्वेल है. प्रस्तुत है. इस पुरस्कृत …

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