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लेखक का उद्देश्य उसकी रचना का प्राणतत्व है

अल्पना मिश्र समकालीन हिंदी कहानी की जानी-पहचानी हस्ताक्षर हैं. हमारे लिए उन्होंने अपनी रचना-प्रक्रिया पर लिखा है- जानकी पुल. बिल्कुल सीधा न तो जीवन होता है, न अनुभव और न ही किसी रचना की प्रक्रिया। रचना प्रक्रिया एक बेहद जटिल स्थिति है,जैसे जीवन। केवल किसी घटना या स्थिति को देख कर, सुन …

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‘सभ्यताओं के संघर्ष’ की औपन्यासिक कथा

जॉन अपडाइक अमेरिका के बड़े लेखकों में गिने जाते थे. 2009 में उनका देहांत हुआ. अमेरिका में ९/११ की घटना के बाद उन्होंने एक उपन्यास लिखा था ‘टेररिस्ट’. २००७ में प्रकाशित इस उपन्यास में उन्होंने यह समझने का प्रयास किया है कि आखिर अमेरिका जैसे जनतांत्रिक और सहिष्णु समझे जाने …

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देहयात्रा ही बन गई गेहयात्रा

प्रेमचंद गाँधी मूलतः कवि हैं. एक कविता संग्रह ‘इस सिंफनी में’ और एक निबंध संग्रह ‘संस्‍कृति का समकाल’ प्रकाशित। समसामयिक और कला, संस्‍कृति के सवालों पर निरंतर लेखन। कई नियमित स्‍तंभ लिखे। सभी पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। कविता के लिए लक्ष्‍मण प्रसाद मण्‍डलोई और राजेंद्र बोहरा सम्‍मान। अनुवाद, सिनेमा और …

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