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नवसाम्राज्यवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है

समाजवादी नेता-विचारक सुरेन्द्र मोहन से यह बातचीत युवा पत्रकार विनीत उत्पल ने की थी जो प्रभात खबर में ११ दिसंबर २००५ को प्रकाशित हुआ था. हमारे कहने पर विनीत ने तत्परतापूर्वक इसे उपलब्ध करवाया. सुरेन्द्र मोहन जी को श्रद्धांजलि स्वरुप यह बातचीत प्रस्तुत है- जानकी पुल.  जनता में इतनी शक्ति …

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प्रेम बचा रहता है थोड़ा सा पानी बनकर

प्रियदर्शन की कविताओं में किसी विराट का प्रपंच नहीं है, उनमें छोटे-छोटे जीवनानुभव हैं, उसकी जद्दोजहद है, बेचैनी है. इसीलिए वह अपने करीब महसूस होती है. उनका अपना काव्य-मुहावरा है जो चिंतन की ठोस ज़मीन पर खड़ा है. प्रस्तुत है उनकी कविताएँ- जानकी पुल.  1. तोड़ना और बनाना बनाने में …

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विकीलिक्स के खुलासों पर मारियो वर्गास ल्योसा का बयान

इस साल साहित्य के नोबेल पुरस्कार प्राप्त लेखक मारियो वर्गास ल्योसा अपने जीवन, लेखन, राजनीति सबमें किसी न किसी कारण से विवादों में रहते आये हैं. इस बार उन्होंने विकीलिक्स के खुलासों पर अपनी जुबान खोली है. इन दिनों वे स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में नोबेल पुरस्कार समारोह के लिए …

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