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देहयात्रा ही बन गई गेहयात्रा

प्रेमचंद गाँधी मूलतः कवि हैं. एक कविता संग्रह ‘इस सिंफनी में’ और एक निबंध संग्रह ‘संस्‍कृति का समकाल’ प्रकाशित। समसामयिक और कला, संस्‍कृति के सवालों पर निरंतर लेखन। कई नियमित स्‍तंभ लिखे। सभी पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। कविता के लिए लक्ष्‍मण प्रसाद मण्‍डलोई और राजेंद्र बोहरा सम्‍मान। अनुवाद, सिनेमा और …

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अधूरी क्रांति के नायक प्रतिनायक

मारियो वर्गास ल्योसा के उपन्यास ‘बैड गर्ल’ का एक सम्पादित अंश का अनुवाद.. २००७ में प्रकाशित यह उपन्यास नोबेल पुरस्कार से सम्मानित इस लेखक का अब तक प्रकाशित सबसे अंतिम उपन्यास है. यह अंश एक तरह से कम्युनिस्ट आंदोलन पर उनकी टिप्पणी की तरह है- जानकी पुल. पेरू से पेरिस …

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समुद्र में जाकर क्या हो जाता है वह?

यह कवि आरसी प्रसाद सिंह की जन्मशताब्दी का भी साल है. इस अवसर पर उनकी कुछ मैथिली कविताओं का हिंदी अनुवाद किया है युवा कवि त्रिपुरारि कुमार शर्मा ने- जानकी पुल. 1.      ऋतुराज–दर्शन बसंत ऋतु का आगमन हो चुका है अमलतास के डाली–डाली पर पत्ती–पत्ती पर जैसे कोई लाल–हरा–पीले रंग …

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