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आलोचना का अर्थ चरित्र हनन नहीं होता

तहलका पत्रिका के संस्कृति विशेषांक में शालिनी माथुर का लेख छपा था ‘मर्दों के खेला में औरत का नाच‘ , जिसमें कुछ लेखिकाओं की कहानियों को उदाहरण के तौर पर इस रूप में पेश किया गया था जिसे आपत्तिजनक कहा जा सकता है। मेरा निजी तौर पर यह मानना है कि नैतिकता …

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आनंद नगर में कुछ घंटे आनंद के

युवा पत्रकार-लेखक पुष्यमित्र ने हाल में ही कोलकाता की यात्रा की और उस यात्रा का एक रोचक वृत्तान्त लिखा। आपके लिए- जानकी पुल। ======================= सुबह पांच बजे जब मेरी बोगी में चा खाबे.. चा खाबे की आवाज गूंजने लगी तो मेरी नींद खुल गयी. मेरा मन उत्साह से भरा था. …

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भेड़चाल और हुआं-हुआं

आज कुछ कवितायें अनुराग अन्वेषी की। अखबार में शब्दों का सम्पादन करने वाले अनुराग अपनी कविताओं में भावनाओं का सम्पादन कर उस पर विचार की सान चढ़ाते हैं। बिना अधिक शोर-शराबे के कवितायें ऐसे भी लिखी जाती हैं। आप भी देखिये- जानकी पुल।  ===========================================  1.  मुट्ठी भर प्यार, हाशिए पर …

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