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मनोहर श्याम जोशी की एक आरंभिक कहानी

 कहानी  मनोहर श्याम जोशी ने लेखन की शुरुआत कहनियों से की थी. यह उनकी आरंभिक कहानियों में है. कहानी का सन्दर्भ आत्मकथात्मक लगता है. १९५३ में दिल्ली आने के बाद जब वे आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे थे तो नई दिल्ली स्टेशन के पास बैरन रोड पर एक जाफरी …

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तुम मेरे कौन हो कान्हा

आज जन्माष्टमी है. कृष्ण को प्रणय के देवता के रूप में भी देखा जाता है. बरसों पहले धर्मवीर भारती ने राधा-कृष्ण के प्रेम का काव्य लिखा था- कनुप्रिया. प्रेम की ऐन्द्रिकता, तन्मयता की बेहतरीन कविताएँ हैं इसमें. आज कनुप्रिया की एक कविता का रसास्वादन कीजिये.  तुम मेरे कौन हो कनुमैं …

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कोश का फादर

आज फादर कामिल बुल्के का जन्मदिन है. उनका नाम ध्यान आते ही अंग्रेजी-हिंदी कोश का ध्यान आ जाता है. प्रकाशन के करीब ४२ साल बाद भी इस अंग्रेजी-हिन्दी कोश की विश्वसनीयता में कोई कमी नहीं आई है. उन्होंने इसके पहले संस्करण की भूमिका में लिखा था कि उनका उद्देश्य एक …

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