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प्रसिद्ध लेखक शिवमूर्ति को ‘लमही सम्मान’

हमारी भाषा के महत्वपूर्ण लेखक शिवमूर्ति को वर्ष 2011 का ‘लमही सम्मान’ दिए जाने की घोषणा हुई है. शिवमूर्ति की कहानियों, उनके उपन्यासों में वह ग्रामीण जीवन धड़कता दिखाई देता है जिसे पिछले बरसों में हिंदी समाज ने भुला दिया है. रेणु की परंपरा के वे सबसे बड़े समकालीन लेखक …

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अन्य पुरुष ! तुम्हारा स्वागत है मेरी कविता में

आज मोनिका कुमार की कविताएँ. मूलतः पंजाबी भाषी मोनिका की कविताओं में निराशा का वह भाव नहीं है जो एक तरह से हिंदी कविता का मूल स्वर बन चुका है. वह जिज्ञासा की कवयित्री हैं. कविता को उत्तर-आधुनिक विद्वानों ने अगर चिंतन की एक शैली कहा है तो दूसरी तरफ …

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अनैतिक तो जीवन में कुछ नहीं होता

हिंदी कहानी में प्रियंवद का अपना मकाम है. जादू-जगाती भाषा, अनदेखे-अनजाने परिवेश-पात्र प्रियंवद की कहानियों में ऐसे आते हैं कि पाठक दांतों तले ऊँगली दबाते रह जाते हैं. न उनके लेखन में कोई झोल है न जीवन में. इस बातचीत से तो ऐसा ही लगता है. उनसे यह बातचीत प्रेम …

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