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नक्श लायलपुरी की गज़लें

मैं दुनिया की हक़ीकत जानता हूँकिसे मिलती है शोहरत जानता हूँ मेरी पहचान है शेरो सुख़न सेमैं अपनी कद्रो-क़ीमत जानता हूँ तेरी यादें हैं, शब बेदारियाँ हैंहै आँखों को शिकायत जानता हूं मैं रुसवा हो गया हूँ शहर-भर मेंमगर ! किसकी बदौलत जानता हूँ ग़ज़ल फ़ूलों-सी, दिल सेहराओं जैसामैं अहले …

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२५ बरस का हंस

मदन मोहन झा सर एक दिन घर के अन्दरवाले कमरे से एक पत्रिका निकाल कर लाए. देते हुए कहा था, इसे पढ़ना साहित्य के संस्कार आयेंगे. बात सन ८६ की है. उसी साल मैंने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी. उसी की कहानियों को पढते हुए मैंने कथाकार बनने के …

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जिनका जीवन ही साहित्य था

२१ जुलाई को नोबेल पुरस्कार प्राप्त लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे का जन्मदिन था. उस अवसर पर हमने उनकी एक छोटी सी कहानी छापी थी. आज प्रस्तुत है यह लेख जो उनके जीवन और लेखन को लेकर है- प्रभात रंजन नोबेल पुरस्कार प्राप्त अमेरिकी लेखक हेमिंग्वे की गिनती अंग्रेजी के महान लेखकों …

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