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तू परिधि से नहीं परिधि तुझसे है

हाल में ही युवा कवयित्री सुधा उपाध्याय का कविता संग्रह राधाकृष्ण प्रकाशन से आया है- ‘इसलिए कहूँगी मैं‘. उसी संग्रह से कुछ चुनी हुई कविताएँ- मॉडरेटर.==============================                                            मैं हूं, मैं हूं, …

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‘काबुलीवाले की बंगाली बीवी’ का एक अंश

सुष्मिता बनर्जी ने अपने आत्मकथात्मक उपन्यासों में जिनका भय दिखाया था अंततः उनके ही हाथों मारी गई. सुष्मिता बंद्योपाध्याय(बनर्जी) के उपन्यास ‘काबुलीवाले की बंगाली बीवी’ का एक मार्मिक अंश उनके अपने बयान के साथ, उस बहादुर लेखिका को श्रद्धांजलि स्वरुप- जानकी पुल. ============================================ दो शब्द किसी विशेष धर्म, धार्मिक व्यक्ति …

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जीवकांत जी की कविताओं में छंद नहीं था, मिट्टी की लय थी

मैथिली भाषा के प्रसिद्ध कवि, कथाकार, आलोचक जीवकांत जी का निधन हो गया. सहज भाषा के इस महान लेखक को अविनाश दास ने बहुत आत्मीयता के साथ याद किया है अपने इस जीवन से भरे लेख में. उनके लेख के साथ जीवकांत जी की स्मृति को प्रणाम- मॉडरेटर. ============== पिछले …

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