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हारना नागार्जुन की फितरत में नहीं था

तारानंद वियोगी ने राजकमल चौधरी की बहुत अच्छी जीवनी लिखी थी, आजकल नागार्जुन की जीवनी लिख रहे हैं। अभी दो दिन पहले नागार्जुन की पुण्यतिथि के अवसर पर ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ पटना में उन्होंने नागार्जुन पर बहुत अच्छा लेख लिखा था। जिन्होंने न पढ़ा हो उनके लिए- मॉडरेटर ========== बिहार की …

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प्रियंका ओम की कहानी ‘जट्टा और चिरैया’

युवा लेखिका प्रियंका ओम की कहानी पढ़िए-मॉडरेटर ========= वह औचक ही सामने आ गया था. मुझपर नज़र पड़ते ही शर्मिंदगी से उसकी आँखें झुक गई थी. मानो उसका कृत्य क्षण भर पहले का हो. इतने वर्ष बीत गये, वक़्त नये नये पैहरन तैयार करता रहा और पुरानी उतरनें बनती रही. …

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गुजराती लेखिका कुंदनिका कपाड़िया की कहानी ‘जाने देंगे तुम्हें’

गुजराती की वरिष्ठ लेखिका कुंदनिका कपाड़िया की कहानी का अनुवाद किया है प्रतिमा दवे ने- मॉडरेटर ============================  खिड़की से उन्होंने आकाश की तरफ नज़र फेरी। पलंग उन्होंने इस तरह रखवाया था कि जिससे आँगन में लगे नीम के पेड़ को अच्छी तरह से देखा जा सके। कई बार नीम की …

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