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प्रांजल धर की कुछ नई कविताएँ

भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से अभी हाल में ही सम्मानित युवा कवि प्रांजल धर की कविता ‘कुछ भी कहना खतरे से खाली नहीं’ हम सब पढ़-सराह चुके हैं. आइये इस प्रतिभाशाली कवि की कुछ नई कविताएँ पढ़ते हैं- मॉडरेटर. 1. लम्बे सफर की हार बहुत डर जाता है मन बढ़ा रक्तचाप …

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औरो के दुख है बहुत बड़े और हमारे दुख हैं बौने

कल आर. अनुराधा जी ने ध्यान नहीं दिलाया होता तो उज्जवला ज्योति तिग्गा की कविताओं की तरफ ध्यान ही नहीं गया होता. पी.आर. के तमाम माध्यमों के बावजूद, सोशल मीडिया पर निर्लज्ज आत्मप्रचार के इस दौर में कोई कवि इतनी सच्ची कविता चुपचाप लिखते रह सकता है. सोचकर आश्चर्य होता है. …

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कुलभूषण खरबंदा की ‘आत्मकथा’

महेश एलकुंचवार लिखित प्रसिद्ध नाटक ‘आत्मकथा’ का प्रदर्शन इण्डिया हैबिटेट सेंटर में 13 और 14 अगस्त को होने वाला है. एक लेखक के जीवन के अतीत, वर्तमान, भविष्य को उसके जीवन की कुछ प्रमुख घटनाओं के माध्यम से दिखाने का प्रयास इस नाटक में किया गया है. महेश एलकुंचवार ने …

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