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मुगलों ने सल्तनत बख्श दी

चीन लद्दाख में तम्बू तानता जा रहा है. मुझे बार-बार भगवतीचरण वर्मा की कहानी ‘मुगलों ने सल्तनत बख्श दी’ याद आ रही है. इस कहानी में भी तम्बू तानने का ही खेल है, भगवतीचरण वर्मा की जबरदस्त किस्सागोई. जिन्होंने यह कहानी नहीं पढ़ी है उनके लिए- प्रभात रंजन  ==========================================================  हीरोजी …

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सपने में जॉर्ज ऑरवेल

हिंदी के वरिष्ठ लेखक बटरोही की यह चिंता उनके फेसबुक वाल से टीप कर आपसे साझा कर रहा हूँ. आप भी पढ़िए उनकी चिंताओं से दो-चार होइए- प्रभात रंजन. ========================================== मुझे नहीं मालूम की कितने लोग इन बातों में रूचि लेंगे? कल रात भर ठीक से सो नहीं पाया, बेचैनी …

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लियो री बजंता ढोल

कवि-लेखक प्रेमचंद गाँधी ने अपने इस लेख में यह सवाल उठाया है कि लेखिकाएं साहित्य में अपने प्रेम साहित्य के आलंबन का नाम क्यों नहीं लेती हैं? एक विचारोत्तेजक लेख- जानकी पुल. ====================== मीरा ने जब पांच शताब्‍दी पहले अपने प्रेमी यानी कृष्‍ण का नाम पुकारा था तो वह संभवत: …

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