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भूमंडलोत्तर कथा पीढ़ी : प्रस्थान और विकास

 युवा लेखक राकेश बिहारी का यह लेख समकालीन युवा कहानी को एक व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने की मांग करता है. उस मुहावरे को विस्तार से समझने की अपेक्षा रखता है. यह लेख उनकी सद्य प्रकाशित पुस्तक ‘केंद्र में कहानी’ में संकलित है. लेख पर बहस आमंत्रित है- जानकी पुल. =========================================================== …

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अब वापस कुछ साहित्योत्सव की बात

आज जयपुर साहित्योत्सव पर जनसत्ता संपादक ओम थानवी ने बहुत संतुलित ढंग से लिखा और बेहद विस्तार से उसके प्रभावों, उसकी सीमाओं का आकलन भी किया है. विवादों के घटाटोप के पीछे उसके सार्थक हस्तक्षेप की चर्चा दब कर रह गई, उसके कुछ पूर्वाग्रहों-दुराग्रहों की चर्चा पीछे रह गई. सब …

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समाज में करुणा की ऐसी वापसी ऐतिहासिक अनुभव है!

प्रसिद्ध उत्तर-आधुनिक विद्वान सुधीश पचौरी का यह लेख जस्टिस वर्मा समिति की रपट के बहाने समाज में करुणा की वापसी की एक अद्भुत व्याख्या करता है. सचमुच इस समय हिंदी में उनके जैसा विश्लेषक नहीं है- जानकी पुल. =======  अज्ञेय की यह काव्यपंक्ति सहसा याद आई जब सर्वोच्च न्यायालय के …

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