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मनोहर श्याम जोशी से एक पुरानी बातचीत

सन 2004 में आकाशवाणी के अभिलेखगार के लिए मैंने मनोहर श्याम जोशी जी का दो घंटे लंबा इंटरव्यू लिया था। उसमें उन्होंने अपने जीवन के अनेक अनछुए पहलुओं को लेकर बात की थी। यहां एक अंश प्रस्तुत है जिसमें उन्होंने अपनी मां, पिताजी को लेकर कुछ बातें की हैं और …

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राष्ट्र के बदले प्रान्त: रेणु साहित्य और आंचलिक आधुनिकता

सांस्कृतिक इतिहासकार सदन झा के इस पाठ को उसी तरह से देखा, सुना और महसूस किया जा सकता है जिस तरह से रेणु के उपन्यासों को. सदन झा चरखा के ऊपर अपने शोध को लेकर चर्चा में रहे हैं. एक इतिहासकार के द्वारा किया गया किसी साहित्यिक कृति का यह …

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बाबू कुंवर सिंह तोहरे राज बिना…

1857 के जुबानी किस्से अभी हाल में ही रूपा एंड कंपनी से इतिहासकार पंकज राग की पुस्तक आई है 1857– द ओरल ट्रेडिशन। पुस्तक में उन्होंने लोकगीतों एवं किस्से-कहानियों के माध्यम से 1857 के विद्रोह को समझने का प्रयास किया है। प्रस्तुत है उसका एक छोटा-सा अंश जिसका संबंध कुंवर …

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