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आप किस मीडिया में नैतिकता की छानबीन कर रहे हैं हरिवंशजी ?

कल वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश का लेख आया था मीडिया की नैतिकता पर. युवा लेखक विनीत कुमार का यह लेख उसी लेख के कुछ सन्दर्भों को लेकर एक व्यापक बहस की मांग करता है- जानकी पुल. ==== ==== हरिवंशजी, आपके लेख “मीडिया को अपनी लक्ष्मण रेखा का एहसास नहीं” पर असहमति …

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मीडिया को अपनी लक्ष्मण रेखा का अहसास नहीं है!

आज ‘प्रभात खबर‘ के संपादक हरिवंश ने मीडिया को लेकर एक आत्मालोचन परक लेख लिखा है. पढ़ने के काबिल लगा तो सोचा आप सबको भी पढ़वाऊं- प्रभात रंजन. ======================================  मीडिया की ताकत क्या है? अगर मीडिया के पास कोई शक्ति है, तो उसका स्रोत क्या है? क्यों लगभग एक सदी …

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सुनील गंगोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास ‘प्रथम आलो’ का एक अंश

सुनील गंगोपाध्याय का प्रसिद्ध उपन्यास ‘प्रथम आलो’ जो बांग्ला पुनर्जागरण की पृष्ठभूमि पर लिखा गया महाकाव्यात्मक उपन्यास है. इसका अंग्रेजी अनुवाद ‘फर्स्ट लाइट’ के नाम से अरुणा चक्रवर्ती ने किया है. इसका हिंदी अनुवाद ‘प्रथम आलोक’ नाम से वाणी प्रकाशन से प्रकाशित है, अनुवाद किया है लिपिका साहा ने- प्रभात …

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