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खेती-बाड़ी, कलम-स्याही और रेणु

आज हमारी भाषा के विलक्षण गद्यकार फणीश्वरनाथ रेणु का जन्मदिन है. उनको याद करते हुए यह आत्मीय गद्य लिखा है युवा लेखक गिरीन्द्रनाथ झा ने. आप भी पढ़िए और उस महान लेखक को याद कीजिये- जानकी पुल. ========  फणीश्वर नाथ रेणु …मेरे लिए यह नाम ही कथा है। ऐसी कथा, …

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नीलेश मिश्रा का ‘याद शहर’ और ‘क़िस्सा-ए-फ़ेसबुक’

Yaad Sheher with Neelesh Misra … यह हिंदुस्‍तान के हिंदी भाषी युवा लोगों का पसंदीदा रेडियो शो है। यह शो हिन्दुस्तान के लाखों-करोड़ों विस्थापितों की यादों का शहर है, वह शहर जहां से एक दिन वे झोला उठाकर निकल पड़े थे. उसकी छोटी-छोटी बातें, छोटी-छोटी यादें बहुत खूबसूरती से सुनाते हैं …

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देह का दीपक जला कर एक दूसरे को पढ़ा

प्रयागवासी और मुंबई प्रवासी कवि बोधिसत्व की कविताओं पर अलग से टिप्पणी करने की कोई आवश्यकता मुझे नहीं लगती. पिछले करीब २५ सालों से बोधिसत्व की कविताओं का अपना अलग मुकाम है. हाल में ही उनको फिराक गोरखपुरी सम्मान मिला है. उनको एक बार और बधाई देते हुए उनकी कुछ …

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