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‘उम्र से लंबी सड़कों पर’ गुलजार

गुलजार के गीतों पर केंद्रित विनोद खेतान की पुस्तक आई है ‘उम्र से लंबी सड़कों पर’. इस पुस्तक के बहाने गुलजार के गीतों पर प्रियदर्शन का एक सधा हुआ लेख- जानकी पुल. =============================================  क्या फिल्मी गीतों को हम कविता या कला की श्रेणी में रख सकते हैं? प्रचलित तर्क कहता है …

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मेरी उँगलियों को जुगनू पहनने पड़ते हैं: मीनाक्षी ठाकुर की कविताएँ

मीनाक्षी ठाकुर की कविताओं में जीवन के एकांत हैं, छोटे-छोटे अनुभव हैं और आकुल इच्छाएं. सार्वजनिक के निजी वृत्तान्त की तरह भी इन कविताओं को पढ़ा जा सकता है, ‘तुमुल कोलाहल कलह में’ ‘ह्रदय की बात’ की तरह- जानकी पुल. =============================== इन दिनों इन दिनों इतना आसान नहीं अँधेरे में …

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भिखारी ठाकुर के गाँव से लौटकर

‘नंदीग्राम की डायरी’ जैसी मशहूर पुस्तक के लेखक पुष्पराज ने भोजपुरी ह्रदय सम्राट भिखारी ठाकुर के गाँव से लौटकर यह रिपोर्ताज लिखा. और क्या लिखा है साहब- जानकी पुल.====================================================आदरणीय भिखारी ठाकुर जी, आपके गाँव कुतुबपुर से लौटकर वापस आये एक माह पूरे हो गये हैं। आपके गाँव से लौटकर आपके …

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