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चन्द्रकुंवर बर्त्वाल की कुछ छोटी कविताएँ

महज २८ साल की उम्र में इस संसार को अलविदा कह गए कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल को कुछ लोग हिंदी का कीट्स भी कहते हैं. उनकी कविताओं की एक किताब ‘चन्द्रकुंवर बर्त्वाल का कविता संसार’ हाथ लगी तो अपने जन्मदिन के दिन अपने इस प्रिय कवि को पढ़ता रहा. डॉ. उमाशंकर …

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उपन्यास लिखना समुद्र में तैरने जैसा है

आज से दिल्ली के इण्डिया हैबिटेट सेंटर में भारतीय भाषाओं के साहित्योत्सव ‘समन्वय’ की शुरुआत हुई. इस बार इसमें अन्य लेखकों के अलावा हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका अलका सरावगी भी मौजूद रहेंगी. अलका सरावगी कहीं किसी कार्यक्रम में कम ही दिखाई देती हैं. अपने पहले ही उपन्यास ‘कलिकथा वाया बाईपास’ …

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‘वह’ से यह तक की यात्रा

इस साल हिंदी में प्रकाशित पुस्तकों में जिसने मुझे बहुत प्रभावित किया वह अनिल कुमार यादव की पुस्तक ‘वह भी कोई देस है महराज’ भी है. जहां तक मेरी अपनी समझ है उसके आधार पर मैं यही कह सकता हूं कि इस तरह के यात्रा वृत्तान्त हिंदी में कम लिखे गए …

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